कोल इंडिया ने जेबीसीसीआई- १० और ११ नवंबर को हुई स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक का हवाला देकर २३ नवंबर को एक आदेश जारी किया है
कोरबा. कोलकर्मी की मौत पर आश्रित को कोल इंडिया की अनुषांगिक कंपनियों में कटेगरी- ०१ पर नियुक्ति मिलेगी। कोल इंडिया ने क्रियान्वयन आदेश जारी कर दिया है। हांलाकि कंपनी ने आदेश का एचएमएस और एटक ने विरोध किया।
कोल इंडिया ने जेबीसीसीआई- १० और ११ नवंबर को हुई स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक का हवाला देकर २३ नवंबर को एक आदेश जारी किया है। इसमें कोलकर्मी की मौत पर आश्रित को कटेगरी- ०१ पर नियुक्ति देने की बात कही गई है। इसके लिए कंपनी ने ११ नवंबर को कोलकता में आयोजित स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक का हवाला दिया है। कियान्वयन आदेश कोल इंडिया के कार्मिक निदेशक आरपी श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से जारी किए गए हैं।
एटक और एचएमएस ने खोला मोर्चा
कोल इंडिया का क्रियान्वयन आदेश जारी होते ही श्रमिक संगठन एटक और हिन्द मजदूर संघ ने मोर्चा खोल दिया है। एटक ने कार्मिक निदेशक के अधिकार पर सवाल उठाया तो एचमएस ने कंपनी के आदेश को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना बताया है। एटक ने बयान जारी कर कहा है कि जेबीसीआई अस्तित्व में नहीं है। ऐसे में कार्मिक प्रबंधन जेबीसीसीआई के सदस्य नहीं है। वे हस्ताक्षर नहीं कर सकते। कमेटी की तीसरी बैठक कोलकता में हुई थी। लेकिन इसमें आश्रितों को कटेगरी- ०१ के पद पर नियुक्ति करने को लेकर सहमति नहीं बनी थी।
-स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में कोई सहमति नहीं बनी थी। कंपनी का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवेलना है- नाथूलाल पांडे, सदस्य, स्टैंडराइजेशन कमेटी
-स्टैंडराइजेशन कमेटी को अनुकंपा नौकरी को लेकर निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। कोल इंडिया का क्रियान्वयन आदेश सही नहीं है - रामेन्द्र कुमार महामंत्री, एटक