इंटक को कोल इंडिया व उसकी अनुषांगिक कंपनी एसईसीएल सहित अन्य कंपनियों के साथ होने वाली सभी बैठकों से कर दिया था बाहर
कोरबा. बिलासपुर उच्च न्यायालय से साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इंटक) को राहत मिल गई है। कोर्ट ने एसईसीएल को मजदूर कांग्रेस के साथ बातचीत करने का आदेश दिया है। साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि ११ जनवरी, २०१७ को कोल इंडिया ने इंटक में विवाद का हवाला देकर एक पत्र जारी किया था। इसके आधार पर इंटक को कोल इंडिया व उसकी अनुषांगिक कंपनी एसईसीएल सहित अन्य कंपनियों के साथ होने वाली सभी बैठकों से बाहर कर दिया गया था। इस संबंध में गोपालनाराण सिंह ने बिलासपुर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी।
बताया गया था कि इससे मजदूरों का हित प्रभावित हो रहा है। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने एसईसीएल को साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस के साथ बातचीत करने के लिए कहा था। लेकिन एसईसीएल प्रबंधन टाल-मटोल करता रहा। मजदूर कांग्रेस से बातचीत नहीं किया। मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने कोल इंडिया के आदेश को खारिज कर दिया। एसईसीएल को साउथ इस्टर्न मजदूर कांग्रेस से बातचीत करने का आदेश देते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।
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कोर्ट के फैसले से मजदूर कांग्रेस उत्साहित
कोर्ट का फैसला आने के बाद साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस में उत्साह है। कांग्रेस के पदाधिकारियों को उम्मीद है कि इससे श्रमिकों की समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी। विवाद के कारण मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारी प्रबंधन के साथ होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में नहीं बैठ पा रहे थे।