
जमीन की हेराफेरी का मामला : पूर्व भू-अभिलेख अधीक्षक जेपी सिंह गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल
कोरबा. 624 वर्गफुट जमीन की हेराफेरी के आरोप में पुलिस ने कलेक्टोरेट कार्यालय के भू- अभिलेख शाखा में अधीक्षक रहे जेपी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। यहां से १४ दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पूर्व भू- अभिलेख अधीक्षक जेपी को पुलिस ने रविवार को उनके गृहगांव गुरसिया के पास स्थित एक गांव से पकड़ लिया। जेपी सिंह अपने घर में थे। रातभर पर पुलिस ने उनके हिरासत में रखा। सोमवार को गिरफ्तार कर कटघोरा की एक कोर्ट में पेश किया। वहां से १४ दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जेपी सिंह के खिलाफ बांकीमोंगरा में रहने वाले रामकरण अग्रवाल ने दस्तावेज में कूटरचना कर 624 वर्गफुट जमीन की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि रामकरण की मोंगरा बस्ती में करीब ७२ डिसमिल जमीन है। कलेक्टर के आदेश पर जमीन का सीमांकन किया गया था। रामकरण के हिस्से की ६२४ वर्गफुट जमीन पर दूसरे का कब्जा पाया गया था। सीमांकन के दौरान टीम ने नजरी नक्शा, प्रतिवेदन और पंचानामा तैयार किया था। रामकरण का आरोप है कि जेपी सिंह ने प्रतिवेदन में काटछांट कर दिया। कब्जे की जमीन को शून्य घोषित कर दिया। जमीन का नकल निकालने पर मामले का खुलासा हुआ। उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
Published on:
26 Nov 2018 09:37 pm
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