-कोल इंडिया ने पहली तिमाही में सभी अनुुषांगिक कंपनियों को 150.77 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया था
कोरबा. सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया ने पहली तिमाही में १३६. ८७ मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है। इसमें एसईसीएल का योगदान ३९.९५ मिलियन टन रहा है। कोल इंडिया ने पहली तिमाही में सभी अनुुषांगिक कंपनियों को १५०.७७ मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया था, लेकिन अनुषांगिक कंपनियों ने अप्रैल से मई तक १३६.८७ मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है। यह लक्ष्य का ९१ फीसदी है।
कोल इंडिया को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में एसईसीएल के साथ ही महानदी कोल फिल्ड लिमिटेड का योगदान प्रमुख है। प्रथम तिमाही में एमसीएल ने ३२.४५ मिलियन टन कोयले का उत्खनन किया है। २४.६ मिलियन कोयला उत्पादन के साथ नार्दन कोल फिल्ड कंपनी तीसरे स्थान पर है। सीसीएल ने ११.४४ मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है। पहली तिमाही में कोल इंडिया ने १५३ मिलियन टन कोयले का डिस्पेच किया है।
यह डिस्पेच लक्ष्य से १० फीसदी कम है। कंपनी ने १७० मिलियन टन कोयला डिस्पेच का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस अविध में एसईसीएल ने ४०.५९ मिलियन टन कोयले का डिस्पेच रेल व सड़क मार्ग से किया है। ज्ञात हो कि एसईसीएल के उत्पादन और डिस्पेच लक्ष्य को करीब तक पहुंचाने में कोरबा जिले में स्थित गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा एरिया की खदानों का योगदान महत्वपूर्ण है। कोरबा की खदानों से सलाना १०० मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन होता है।
फैक्ट फाइल
एसईसीएल -39.95
एमसीएल -32.45
ईसीएल- 11.00
बीसीसीएल- 7.67
सीसीएल- 11.44
एनसीएल- 24.6
डब्ल्यूसीएल- 9.64
एनईसी- 0.12
कोल इंडिया -136.87
वहीं एसईसीएल के मानिकपुर खदान ने कोयला उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकार्ड बनाया है। जून में खदान से पांच लाख टन कोयले का उत्पादन किया गया है। यह अभी तक का सबसे बड़ा रिकार्ड है। इसके पहले मानिकपुर खदान से एक माह में अधिकतम ४.६१ लाख टन कोयले का उत्पादन किया गया था।