Korba Electricity Employees Promotion: राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्रों में कार्यरत 180 तकनीकी कर्मचारियों को 31 मई तक पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया है।
Korba Electricity Employees Promotion: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विद्युत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्रों में कार्यरत 180 तकनीकी कर्मचारियों को 31 मई तक पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कंपनी प्रबंधन ने दिसंबर 2026 से पहले 500 तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का भी आश्वासन दिया है।
यह निर्णय विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन-एक और कंपनी प्रबंधन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान लिया गया। बैठक में कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
कंपनी मुख्यालय में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन-एक के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेन्द्र शुक्ला और महासचिव आरसी चेट्टी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों की कमी, लंबित पदोन्नति और बढ़ते कार्यभार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। फेडरेशन के प्रांतीय प्रचार सचिव पवन दास ने बताया कि कंपनी में स्वीकृत 2339 तकनीकी पदों के मुकाबले वर्तमान में केवल 618 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इससे तीनों संयंत्रों में काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रतिनिधियों ने बताया कि तृतीय श्रेणी के लगभग 75 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी के करीब 92 प्रतिशत पद रिक्त हैं। वहीं कई वरिष्ठ कर्मचारी वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन ने तय समय के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया है। बैठक में वरिष्ठ कार्यालयीन कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची पर निर्णय लेने, सुरक्षा एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को रिक्त पदों पर पदोन्नति देने तथा वर्दी सुविधा उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी।
प्रबंधन ने नई आवास आबंटन नीति का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही कंपनी के आवासीय परिसरों में साफ-सफाई, रखरखाव और प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए निरीक्षण और आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान एमडी एसके कटियार ने राज्य में विकसित हो रही सुपर क्रिटिकल, पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं की प्रगति और उत्पादन लागत की भी विस्तार से जानकारी दी। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि इन फैसलों से कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा और विद्युत उत्पादन व्यवस्था भी अधिक मजबूत बनेगी।