परिजनों ने बताया कि चिकित्सालय के वरिष्ठ डॉ राजीव गुप्ता ने परीक्षण के बाद बच्ची को दो इंजेक्शन लगाया और दवाइयां भी लिखी थी।
कोरबा . डॉक्टर के इंजेक्शन ने एक दुधमुंही बच्ची की जान ले ली। परिजनों ने जमनीपाली के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। दर्री थाना अन्र्तगत पुष्पल्लव कॉलोनी फेस 3 में रहने वाले संदीप गुप्ता की 10 माह की मासूम बच्ची आंशी गुप्ता को एक-दो दिनों से सर्दी व बुखार की शिकायत थी। परिजन बीमार बच्ची को लेकर कल सुबह लगभग 11बजे जमनीपाली के सरदार वल्लभ भाई पटेल नगर स्थित श्री योगेश्वर चिकित्सालय पहुंचे थे।
परिजनों ने बताया कि चिकित्सालय के वरिष्ठ डॉ राजीव गुप्ता ने परीक्षण के बाद बच्ची को दो इंजेक्शन लगाया और दवाइयां भी लिखी थी। परिजनों के अनुसार घर लौटने के बाद आंशी की तबियत और बिगडऩे लगी। वे बच्ची को लेकर फिर लगभग शाम 4 बजे डॉ राजीव के पास पहुंचे। डॉक्टर ने बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे कोरबा के निहारिका स्थित एक नर्सिंग होम ले जाने की सलाह दी जिसके बाद उसे वहां ले जाया गया।
बच्ची के बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वहां से उन्हें कोसाबाड़ी के निजी अस्पताल भेज दिया गया. जहां प्रथम परीक्षण के बाद डाक्टरों ने आंशी को मृत घोषित कर दिया। मृत बच्ची के परिजनों ने डॉ राजीव गुप्ता पर आंशी के इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का गंम्भीर आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद से अंाशी का पूरा शरीर काला पडऩे लगा था। उनका आरोप है कि गलत तरीके से हुए इलाज की वजह से बच्ची की मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है । बच्ची की अचानक इस तरह मौत से परिवार सदमे में है।