Korba Food Safety Action: कोरबा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने घटिया और मापदंड के विपरीत खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों पर बड़ी कार्रवाई की है।
Food Safety Action in Korba: कोरबा जिले में खाद्य सामाग्रियों की गुणवत्ता सुधार नहीं हो रहा है। कुछ प्रतिष्ठान थोड़ा अधिक मुनाफा कमाने के लिए निर्धारित मापदंड का पालन नहीं कर रहे हैं और लोगों के स्वास्थ्य के खिलवाड़ कर रहे है। मापदंड के विपरीत तैयार खाद्य सामाग्रियों की बिक्री कर रहे हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारिक हो सकता है। वहीं जांच की रिपोर्ट भी इतनी देरी से आती है कि लोग खाद्य सामाग्रियों का उपयोग कर चुके होते हैं।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से लगभग दो माह पहले ही मिलावटखोरी और मापदंड के विपरीत खाद्य सामाग्री की बिक्री करने वालों पर नकेल सकने के लिए कई दुकान और खाद्य सामाग्रियों के संदेह के आधार पर सैंपल लिए गए थे। यह खाद्य सामाग्री के सैंपल रायपुर के लैब भेजा गया था। लैब में कई दुकानों की मिठाई सहित अन्य सामाग्री फेल हो गई।
विभाग ने इसकी जानकारी संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को दी और प्रतिष्ठानों को भी सैंपल की जांच के लिए एक और अवसर दिया गया। लेकिन इसमें फेल हो गए। फेल हुए सैंपल में ज्यादातर मिठाईयों के रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड आए हैं यानी निम्न गुणवत्ता के साथ ही मिस ब्रांडिग मामले सामने आए हैं।
इस पर विभाग ने संबंधित क्षेत्र के कटघोरा और कोरबा एडीएम कोर्ट में केस लगाया गया। दोनों ही एडीएम कोर्ट में सुनवाई के बाद आठ दुकान संचालकों पर एक लाख रुपए से 10 हजार रुपए तक कुल लगभग सवा तीन लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही खाद्य सामाग्री तैयार करते समय एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के निर्धारित मापदंड और नियमों के पालन करने कहा गया है।
इधर विभागीय अफसर आठ और दुकानों के खिलाफ एडीएम कोर्ट के समक्ष केस लगाने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि इन दुकानों से लिए गए सैंपल भी फेल हुए हैं। मेला में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। शिकायतों के आधार पर प्रत्येक फूड कारोबारी को नियम अनुसार खाद्य लाइसेंस रखने और डिस्पले करने, कम मात्रा में फूड कलर का उपयोग करने, पैकिंग वाली पीने के पानी में एमआरपी का उल्लेख करने कहा गया है। साथ ही निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम में बिक्री नहीं करने कहा गया है।
इधर, 24 अप्रैल से 11 मई तक शासन की ओर से खाद्य सुरक्षा तहत सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार के थीम पर अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विभिन्न गुपचुप सेंटर, गन्ना जूस सेंटर, डेयरी दुकान, राशन दुकान का निरीक्षण किया गया। करतला से चावल, नमक, शक्कर जेलगांव केडिया ब्रदर्स से मिक्सचर, मेन रोड कोरबा स्थित श्रीचन्द मार्केटिंग फर्म से धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर और जिला हॉस्पिटल के कैंटीन से चावल, दाल का नमूना लिया गया।
यह सैंपल परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया। सभी फर्मों को खाद्य सुरक्षा संबंधित लाइसेंस को डिस्प्ले करना, परिसर में साफ सफाई रखना, एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ का विक्रय ना करना, पेस्ट कंट्रोल करना, कर्मचारियों का मेडिकल जांच करना सहित सभी मापदंड का पालन करने कहा गया।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से बताया कि कटघोरा और कोरबा एडीएम कोर्ट ने हाल ही आठ दुकानों पर जुर्माना लगाया है। इसमें सबसे अधिक दर्री क्षेत्र में संचालित स्वा रेस्टोरेंट संचालक पर एक लाख रुपए, बीकानेर स्वीट्स पर 50 हजार, युवराज टे्रडर्स पर 30 हजार, जय कृष्णा डेली नीड्स पर 25 हजार रुपए व इस दुकान को ब्रेड उपलब्ध कराने वाली बिलासपुर की एक कंपनी पर 35 हजार रुपए, जेलगांव स्थित शुभम स्वीट्स, उरगा स्थित शुभम डेयरी पर 20 हजार व सुनिता डेयरी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।