कोरबा

Live : नौकरी के लिए भू- विस्थापित लैंकों पावर प्लांट के गेट पर कर रहे प्रदर्शन, किसानों ने कहा जमीन तो गई अब रोजगार की उम्मीद भी टूट रही

संयंत्र के बाहर धरना प्रदर्शन जारी
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Jul 19, 2018
संयंत्र के बाहर धरना प्रदर्शन जारी
संयंत्र के बाहर धरना प्रदर्शन जारी

कोरबा. लैंको अमरकंटक पॉवर प्लांट से प्रभावित ग्रामीणों का संयंत्र के बाहर धरना प्रदर्शन जारी है। ग्रामीण संयंत्र के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले नौकरी की मांग कर रहे हैं।

कोरबा- चांपा मार्ग पर ग्राम सरगबुंदिया के पास लैंको पॉवर प्लांट स्थित है। संयंत्र से प्रभावित ग्रामीण गुरुवार को बड़ी संख्या में गेट नंबर एक के पास पहुंचे। गेट पर खड़े होकर आवाजाही को रोक दिया। मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि लैंको संयंत्र की तीन, चार और पांच नंबर इकाई के लिए गांव की जमीन अधिग्रहित की थी। इसमें खोड्डल, पताढ़ी, सरगबुंदिया, दर्राभांठा, पहंदा आदि गांव शामिल थे। सात से आठ साल गुजर गए।

लेकिन लैंको प्रबंधन ने किसी भी ग्रामीण को नौकरी नहीं दी है। आजकल की बात कहकर टाल मटोल करता रहा है। इस अवधि में प्रभावित किसानों की जमीन को प्रबंधन ने घेर लिया। ग्रामीणों की खेती किसानी बंद हो गई। कई परिवारों की खेती बाड़ी उजड़ गई। लेकिन प्रबंधन ने जमीन अधिग्रहण के बदले एक भी ग्रामीण को नौकरी नहीं दी है। इससे ग्रामीण नाराज है। 70 से 80 ग्रामीण लैंको गेट के समक्ष धरने पर बैठे हुए है। उनका कहना है कि जबतक मांगे पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा।


मौके पर पहुंची पुलिस
संयंत्र के गेट पर धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही उरगा पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझाइश देने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं है। पुलिस भी संयंत्र के आसपास तैनात कर दी गई है।


चालू नहीं हो सकी यूनिट
संयंत्र विस्तार के लिए लैंको ने पताढ़ी और इसके आसपास स्थित आधा दर्जन गांव की जमीन अधिग्रहित की थी। शर्त मे अनुसार प्रभावित परिवार को नौकरी और मुआवजा मिलनी थी।

मुआवजा तो मिल गया लेकिन नौकरी आज तक नहीं मिली। लैंको प्रबंधन आर्थिक संकट में पड़ गया। तीनों यूनिट चालू नहीं हो सकी है। ग्रामीण यह भी चाहते हैं कि जबतक यूनिट चालू नहीं होती उन्हें प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।

Published on:
19 Jul 2018 01:38 pm