26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तीन साल बाद हुई स्थाई शिक्षा समिति की बैठक में क्वालिटी एजूकेशन पर फोकस, बीईओ करेंगे हायर सेकेंडरी स्कूलों का भी निरीक्षण

स्कूलों में गुणवत्ता लगातार गिर रही
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोरबा

•

image

Shiv Singh

•

Updated: 19 Jul 2018, 11:01 AM IST

स्कूलों में गुणवत्ता लगातार गिर रही

स्कूलों में गुणवत्ता लगातार गिर रही

कोरबा. शिक्षाकर्मियों का अब संविलियन हो चुका है, सरकार ने मांगे मान ली है। लिहाजा अब शिक्षाकर्मी सिर्फ और सिर्फ क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान दे। जिन भी स्कूलों में गुणवत्ता लगातार गिर रही है उन पर अब मॉनिटरिंग होगी।

खासकर ऐसे शिक्षक जो कि आए दिन किसी न किसी काम को लेकर बीईओ दफ्तर से लेकर डीईओ कार्यालय में घूमते रहते हैं उस पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर कोई भी इस तरह स्कूल समय में दिखाई देता है तो अधिकारी सीधे कार्रवाई करेंगे।


बुधवार को जिला पंचायत में तीन साल बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल की अध्यक्षता में स्थायी शिक्षा समिति की बैठक रखी गई थी। बैठक में कुल 10 एजेंडे रखे गए थे।

जिसमें मुख्य तौर पर क्वालिटी एजुकेशन को लेकर सदस्यों ने अपने क्षेत्र के स्कूलों की समस्या रखी। सदस्यों ने बताया कि चैतमा स्कूल का रिजल्ट लगातार गिर रहा है।
इसी तरह कई अन्य हायर सेकेण्डरी व हाईस्कूल का परिणाम भी गिर रहा है। इसे लेकर समिति के अध्यक्ष अजय जायसवाल ने प्रस्ताव पारित करवाया कि अब बीईओ भी हाइस्कूलों व हायरसेकेण्डरी की मॉनिटरिंग करेंगे। ऐसे प्राचार्यों को समय समय पर बुलाकर निर्देश दिया जाएगा। बैठक में डीईओ डी के कौशिक, पांचो ब्लॉक के बीईओ, सदस्य धनेश्वरी सिंद्राम, शंकुतला कंवर, अनिता पवन सिंह, उमादेवी पन्ना सहित अन्य उपस्थित थे।

Read more- Public Opinion : अभिभावकों की जीत अब बंद नहीं होगी प्राथमिक शाला स्याहीमुड़ी, दबाव में प्रशासन ने लिया निर्णय


खनिज न्यास से भेजा गया प्रस्ताव
बैठक में ऐसे स्कूल जो कि भवन विहीन, पेयजल समस्या व विद्युतीकरण नहीं हुए हैं उनकी सूची मंगाई गई थी। कुल 132 स्कूल भवन, 137 जगह पेयजल व 718 स्कूलों मेें नए सिरे से विद्युत्तीकरण करने का प्रस्ताव डीएमएफ से भेजा गया है। वहीं उपाध्यक्ष ने सभी बीईओ को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने ब्लॉक में आयरन प्रभावित वाले स्कूलों का चिंहाकन किया जाएगा ताकि वहां प्लांट लगाया जा सके।


पोड़ी, पाली में सबसे अधिक एकल शिक्षक व शिक्षक विहीन स्कूल
बैठक में एकल शिक्षकीय व शिक्षक विहिन स्कूलों की भी समीक्षा की गई। जिले में कोरबा व करतला ब्लॉक को छोड़कर शेष तीनों ब्लॉक में ऐसे स्कूलों की संख्या सबसे अधिक है। कटघोरा में 37 स्कूल एकल शिक्षक व 13 शिक्षक विहिन, पाली में 33 स्कूल एकल शिक्षक व 4 शिक्षक विहीन, पोड़ीउपरोड़ा में भी 27 स्कूल एकल शिक्षक व 3 शिक्षक विहिन स्कूल हैं। बैठक में तय किया गया कि ऐसे स्कूलों मेंं जल्द से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की पदस्थापना होगी। कई शिक्षाकर्मी अन्यत्र जगह पदस्थ हैं उनको मूल जगह वापस भेजा जाएगा।