हर दूसरे दिन दोनों ही पक्ष आपस में भिड़ रहे हैं। पूर्व में निगम द्वारा स्टॉपेज का निर्माण नहीं किया गया था।
कोरबा . ऑटो चालकों व सिटी बस स्टॉफ के बीच विवाद की वजह से मंगलवार के बाद बुधवार को भी सिटी बस संचालन प्रभावित रही। हर रूट पर सिर्फ एक सिटी बस ही चली। बाकि बसें डिपो में खड़ी रही। इधर अब रोज के विवाद को देखते हुए सोसाइटी ने सख्त कदम उठाते हुए सिर्फ स्टॉपेज पर ही बस रूकने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरबा शहर में जब से बस का संचालन शुरू हुआ है तब से कहीं भी हाथ देकर बस रूकवा कर चढऩे और उतरने का चलन चल रहा है। सिटी बस ऑपरेटर और ऑटो संघ के बीच यही एक मात्र विवाद की वजह है। जिससे हर दूसरे दिन दोनों ही पक्ष आपस में भिड़ रहे हैं। पूर्व में निगम द्वारा स्टॉपेज का निर्माण नहीं किया गया था।
इस वजह से स्टॉपेज को लेकर आम लोगों में भ्रम की स्थिति होती थी। लेकिन अब तो निगम द्वारा लगभग सभी जगह स्टॉपेज का निर्माण कर दिया है। अब जब आम सवारी कहीं भी बस से उतरने या फिर रूकवाकर बैठने के लिए हाथ दिखाता है, तो मजबूरन सिटी बस स्टॉफ को गाड़ी रोकनी पड़ती है। एक तरफ बस ना रोकने से सवारियों की परेशानी तो दूसरी तरफ बस रोकने से ऑटो चालकों से विवाद। इस वजह से यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इसे देखते हुए अब यह निर्णय लिया गया है। मंगलवार को दोनों ही पक्षों में विवाद की वजह से दिनभर पूरी बसें डिपो में खड़ी रहीं।
सिटी बस ऑपरेटर का मालिक पहली बार कोरबा पहुंचा
लगातार हो रहे विवाद को देखते हुए सिटी बस ऑपरेटर दुर्गाम्बा कंपनी के मालिक सुनील चतरा तीन साल में पहली बार कोरबा पहुंचे। यहां पहले डिपो पहुंचकर कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद साकेत भवन पहुंचकर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान सुनील चतरा ने इस विवाद को जल्द से जल्द खत्म करने की बात कही। अगर इसी तरह विवाद बढ़ता चला गया। तो बहुत जल्दी यहां से बोरिया बिस्तर समेटकर वापस जाने की इच्छा भी जाहिर की।