Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: कोरबा जिले से स्कूल में सामान डिलीवर करने वाला घनश्याम केवट 12वीं की छात्रा को अगवा कर ले गया, चार दिन तक रायपुर में अपने दोस्त के घर पर बंधक बनाकर रखा और मनमानी की।
Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से 5 जनवरी को स्कूल में सामान डिलीवर करने वाला मुलमुला (जांजगीर) निवासी घनश्याम केवट 12वीं की छात्रा को अगवा कर ले गया, चार दिन तक रायपुर में अपने दोस्त के घर पर बंधक बनाकर रखा और मनमानी की। आरोपी एक निजी कंपनी में ड्राइवर है।
मानिकपुर चौकी में शिकायत दर्ज हुई तो पुलिस ने छह दिन बाद युवती को रायपुर से छुड़ाया। आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। छात्रा ने साइकिल रिपेयरिंग को दी थी। वहीं से आरोपी छात्रा को बहला-फुसला कर ले गया था।
जान-पहचान का फायदा उठाकर युवक ने जो कुछ किया, उससे छात्रा के मन और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ा है। वो सहमी हुई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति से बात नहीं कर पा रही। परिजन का कहना है कि वो इस मामले में बात नहीं करना चाहती।
कब किसकी नजरों में हैवानियत चढ़ जाए, कहा नहीं जा सकता। गैर तो गैर जान-पहचान वाले और अपने कहे जाने वाले ही बच्चियों-लड़कियों की अस्मत लूट रहे हैं। कोरबा जिले के ऐसे ही मामले में आरोपी सलाखों के पीछे है। फिलहाल मामला अदालत में है और पीड़ित को न्याय का इंतजार है। कोरबा जिले की छात्रा का अपहरण कर आरोपी ने रायपुर में बंधक बनाकर रखा।
रायपुर के शोभा सोनी सीनियर एडवोकेट मनोचिकित्सकों का कहना है कि किशोर अवस्था में जान-पहचान वालों से ऐसा धोखा मिलने का गहरा असर पीड़ित के मन पर पड़ता है। इस उम्र में किसी के गलत विचारों का अंदाजा उन्हें नहीं हो पाता। पीड़ित खुद को दोषी न मानने लगे, इसके लिए काउंसलिंग जरूरी है।