कोरबा

#सरकारी Vaccine की खुराक यहां हो गई फेल, मवेशियों में फैला घाकत संक्रमण

टीकाकरण साबित हुई बेअसर जबकि हर साल फूंके है लाखों रूपए
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Aug 08, 2018
टीकाकरण साबित हुई बेअसर जबकि हर साल फूंके है लाखों रूपए
टीकाकरण साबित हुई बेअसर जबकि हर साल फूंके है लाखों रूपए

कोरबा. पशु चिकित्सा विभाग द्वारा संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए गाय व भैसों को लगाए जाने वाली वैक्सीन बेअसर हो गई है। जबकि विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष अभियान चलाकर जानवरों के टीकाकरण का दावा किया जाता है।


गाय व भैंस जैसे दुधारू पशुओं को संक्रामक खुरहा-चपका और घलघोंटू जैसी बीमारियों से बचाने के लिए विभाग द्वारा डेयरी फार्म व छोटे खटाल संचालकों को ढूंढकर वैक्सीन दिया जाता है। यह व्यवस्था शासन द्वारा नि:शुल्क होती है। विभाग की मानें तो इस वर्ष भी सभी पशुओं को नियमानुसार टीका दिया गया था।

जबकी सच्चाई यह है कि मानिकपुर क्षेत्र सहित जिले के कई हिस्सों में मवेशियों में खुरहा चपका का संक्रमण फैल चुका है। जिसके कारण मवेशी न तो चल पा रह हैं, और ना वही चारा चर रहे हैं। यह बीमारी इतनी घातक है होती इसका अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि इससे संक्रमित पशु की जान भी चली जाती है। पशु दूध देना बंद करने के साथ ही भोजन भी त्याग देते हैं। जिसके कारण ही इन दिनो में पशु मालिक बेदह परेशान हैं। जानवरों में संक्रमण न फैसे इसके लिए सरकार लाखों खर्च करती है। इसके बाद भी संक्रमण फैलना जांच का विषय है।

टीकाकरण के बावजूद फैला संक्रमण
मुड़ापार में अपनी डेयरी चालने वाले भास्कर यादव ने बताया कि मेरे पास गाय व भैंसों को मिलाकर कुल 40 मवेशी हैं। वर्तमान में आधे से ज्यादा खुरहा चपका के संक्रमण से ग्रसित हैं। आस-पास के सभी डेयरी के पशुओं में यह बीमारी फैली हुई है। सभी पशु मालिक बेहद परेशान हैं। गाय, भैंसों ने दूध देना भी बंद कर दिया है। हाल ही में मानसून की शुरूआत में सरकारी डॉक्टर घर आए थे और मवेशियों का टीकाकरण किया था। लेकिन दवा का कोई भी असर नहीं हुआ। सभी मवेशी बीमार हो गए हैं।

-हर साल तय कार्यक्रम के अनुसार संक्रमण से बचाने के लिए मवेशियों का टीकाकरण किया जाता है। इसके बाद भी कहीं कमी रह गई है, तो इसे दिखावाया जाएगा। मामले की जांच की जाएगी।
-एनपी सिंह, उपसंचालक, पशु चिकित्सा विभाग

Published on:
08 Aug 2018 11:07 am