- जी प्लस टू फ्लैट के ब्लॉक दीवाली से पहले हो जाएंगे तैयार
कोरबा . अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी आवासीय सुविधा न होने का बहाना नहीं कर बना पाएंगे। हर ब्लॉक में 44-44 सरकारी मकान बनने लगे हैं। सरकार ने इसके लिए हाउसिंग बोर्ड को जवाबदारी सौंपी है। सभी ब्लॉक में ऐसी जगह चिंहित कर मकान बनाए जा रहे जहां से कर्मचारियों को बहुत अधिक दूरी का सामना ना करना पड़े।
जिले के पांच ब्लॉक में कोरबा व कटघोरा को छोड़कर शेष सभी तीन ब्लॉक काफी दूरदराज इलाके में है। करतला, पाली व पोड़ीउपरोड़ा पूरी तरह से ग्रामीण अंचल है। इस क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों के लंबी समय से आवास की समस्या रही है। एक तरफ कर्मठ कर्मचारी गांव में कहीं किराए के मकान पर रहकर ड्यूटी कर रहे हैं। तो वहीं आधे से अधिक कर्मचारी व अधिकारी दूरी अधिक होने व सुविधा नहीं होने का हवाला देकर अब भी शहर से आना जाना करते हैं जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि ब्लॉक मुख्यालय में ही अधिकारियों व कर्मचारियों को रहना है।
कई बार कर्मचारियों पर कार्यवाही भी की गई है। लेकिन ये क्षेत्र इतने अधिक दूरदराज है कि अफसर जांच करने हमेशा नहीं पहुंच पाते। इसी का फायदा शिक्षाकर्मी , जनपद के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी सहित अन्य उठाते हैं। प्रशासन द्वारा इसके लिए हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसपर स्वीकृति मिलने के बाद काम भी शुरू हो चुका है। मकान मूर्तरूप लेने लगे हैं। जी प्लस टू साइज के मकान बन रहे हैं। विभाग का दावा है कि दीवाली से पहले इन मकानों को हैंडओवर कर दिया जाएं।
अभी सिर्फ तीन विभाग के पास ही क्वार्टर
वर्तमान में सिर्फ तीन विभाग पीडब्लूडी, राजस्व व सिंचाई विभाग के पास खुद की कॉलोनी है। इसमें राजस्व कॉलोनी जहां 10 साल पुरानी है जबकि पीडब्लूडी व सिंचाई विभाग की कॉलोनी लगभग 35 साल पुरानी है। समय के साथ कर्मचारियों की संख्या बढ़ी लेकिन मकानों की संख्या में वृद्धि नहीं की गई है। इसे लेकर कर्मचारियों को बेहद परेशानी होती है।
सरकारी मकान के आवेदन के लिए लंबी वेटिंग
सरकारी मकान के आवंटन के लिए कर्मियों की लंबी वेटिंग है। अन्य ब्लॉक मुख्यालयों में उतनी अधिक परेशानी नहीं है। लेकिन जिला हेड क्वार्टर में सभी विभाग के पास संविदा और स्थायी कर्मचारियों व अधिकारियों की संख्या काफी अधिक है। इसके ऐवज में सिर्फ 44 मकान ही बन रहे हैँ। जबकि इसके लिए मांग की जा रही है कि कम से कम 200 मकानों का निर्माण हो ताकि कर्मचारियों को किराए के भवन में ना रहना पड़े।
-चारों ब्लॉक मुख्यालयों में सरकारी आवास का निर्माण कराया जा रहा है। जिसको साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है- ए निखरा, कार्यपालन अभियंता, हाउसिंग बोर्ड।