एसईसीएल में लगभग 55 हजार कोयला मजदूर
कोरबा. श्रमिक संगठनों में सदस्यों की संख्या का पता लगाने के लिए एसईसीएल ने सभी एरिया में भौतिक सत्यापान शुरू किया है। यह काम 31 अगस्त तक सत्यापन को पूरा किया जाना है।
एसईसीएल में लगभग 55 हजार कोयला मजदूर काम करते हैं। मजदूर अलग अलग यूनियन से संबंध रखते हैं। उनकी सदस्यता शुल्क किस यूनियन को दी जाए। इसके लिए एसईसीएल ने सभी एरिया में भौतिक सत्यापन शुरू किया है। इसके तहत कर्मचारियों को एक फार्म उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कर्मी का नाम,
पदस्थापना स्थल और समर्थिक यूनियन की जानकारी मांगी जा रही है। कोरबा, दीपका, गेवरा और कुसमुंडा एरिया में कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए 31 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। कोरबा एरिया के अधीन स्थित बलगी, सुराकछार और बगदेवा प्रोजेक्ट में सत्यापन पूरा हो गया है। मानिकपुर, रजगामार और सिंघाली में एक दो दिन में सत्यापन शुरू होगा। इसके बाद एरिया से रिपोर्ट बनाकर एसईसीएल के जरिए कोल इंडिया तक भेजी जाएगी।
चार यूनियन का सत्यापन
बीएमएस समर्थित अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ, एचएमएस से मान्यता प्राप्त कोयला श्रमिक सभा, एटक से संबंधित संयुक्त कोयला मजदूर संघ शामिल है। इसके अलावा साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्र्रेस के सदस्यों का भी सत्यापन किया जा रहा है।
सीटू का नहीं होता सत्यापन
सीटू से मान्यता प्राप्त संगठन कोयला श्रमिक संघ ऐसी यूनियन है, जिसमें सदस्यों की संख्या का सत्यापन एसईसीएल की ओर से नहीं किया जाता है। संघ सदस्यों से प्रतिवर्ष सदस्यता शुल्क नकद लेता है।
संख्या के आधार पर पूछ परख
एसईसीएल व कोल इंडिया की ओर से समय समय पर गठित की जाने वाली समितियों में यूनियन को प्रतिनिधित्व सदस्य संख्या के आधार पर दिया जाता है। यह माना है कि यूनियन में जिसकी सदस्यता सार्वधिक होगी, उसकी पूछ परख भी उतनी होगी।