korba hindi news : बुधवार को प्रदेश में बिजली की डिमांड 5700 मेगावाट को पार करके 5800 मेगावाट के करीब जा पहुंची। जबकि अप्रेल-मई में अधिकतम डिमांड 5878 मेगावाट गई थी।
कोरबा. बुधवार को प्रदेश में बिजली की डिमांड 5700 मेगावाट को पार करके 5800 मेगावाट के करीब जा पहुंची। जबकि अप्रेल-मई में अधिकतम डिमांड 5878 मेगावाट गई थी। बारिश में ब्रेक और गर्मी बढ़ने की वजह से बिजली की खपत पिछले एक सप्ताह से बढ़ गई है।
जुलाई के आखिरी सप्ताह में बारिश की वजह से बिजली की डिमांड 3600 मेगावाट तक जा पहुंची थी। इसके बाद से बारिश पर ब्रेक लगा हुआ है। यही वजह है कि बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन बिजली की अधिकतम खपत पांच हजार मेगावाट से अधिक हो रही थी।
बीते तीन दिन से यह 5500 मेगावाट को पार करके क्रमश: 5570, 5669 और अब बढ़कर 5700 मेगावाट को पार कर गया। बुधवार को अधिकतम डिमांड 5764 मेगावाट तक दर्ज की गई थी। यह डिमांड दोपहर 1 बजे से चार बजे के बीच है।
हालांकि इसके बाद डिमांड में आंशिक कमी जरुर देखी गई, लेकिन इसके बाद फिर से डिमांड लगातार 5400-5500 मेगावाट के बीच रही। गौरतलब है कि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने अनुमान लगाया था कि प्रदेश का पीक अप्रेल-मई में गुजर चुका है।
जून के बाद से रूक-रूक कर भी बारिश हुई तो डिमांड 5500 मेगावाट के अधिक नहीं जाएगा, लेकिन इस बार बारिश पर जिस तरह से लंबे अंतराल तक ब्रेक लगने का सिलसिला बना हुआ इससे डिमांड बढ़कर उच्चतम स्तर के करीब जा पहुंची है।
धूप और बदली की लुकाछिपी जारी, शाम को हुई बूंदाबांदी, 24 घंटे में 2.9 मिमी बारिश
मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार की सुबह से देर शाम तक धूप और बदली की लुकाछिपी जारी रही। लोग बारिश का इंतजार करते रहे। शाम को हल्की बूंदाबांदी के बाद बारिश थम गई। सुबह 10 बजे तक तेज धूप रहा। इससे वातावरण में गर्म रहा।
इसकी वजह से मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री दर्ज है। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हुए। इसके बाद हल्की बदली छा गई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली।
जिले में 01 जून से अब तक 637.1 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 15 अगस्त तक औसत वर्षा 752.6 मिमी हुई है। बीते 24 घण्टों में जिले में 2.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। एक जून से अब तक तहसील कोरबा में 604.0 मिमी, भैंसमा में 753.9 मिमी, करतला में 635.6 मिमी, कटघोरा में 784.0 मिमी, दर्री में 679.2 मिमी, पाली में 595.4 मिमी, हरदीबाजार में 494.0 मिमी, पोड़ी-उपरोड़ा में 603.0 मिमी एवं पसान में 585.0 मिमी वर्षा हो चुकी है। अब तक सर्वाधिक वर्षा कटघोरा तहसील में दर्ज की गई है। कई तहसीलों में अब भी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।
बनी हुई है ओवरड्राल की स्थिति
इधर ओवरड्राल की भी स्थिति बनी हुई है। सेंट्रल सेक्टर से बिजली की डिमांड एक दिन पहले की जा चुकी होती है, अचानक डिमांड बढ़ने पर सौ फीसदी आपूर्ति के लिए ओवरड्राल(अतिरिक्त बिजली) खरीदनी पड़ती है। 12 अगस्त से लेकर 16 अगस्त तक करीब 1800 मेगावाट बिजली ओवरड्राल करनी पड़ी है।
दूसरी वजह: सिंचाई के लिए पंप भी चल रहे बारिश पर ब्रेक लगने की वजह से सिंचाई के लिए किसान अभी पंप का उपयोग अधिक कर रहे हैं। किसान पंप के माध्यम से पानी ले रहे हैं। इस वजह से दोपहर में बिजली की डिमांड बढ़ी है।
प्रदेश में उत्पादन कंपनी के तीनों थर्मल संयंत्र और हाइड्रल प्लांट से बिजली का उत्पादन हो रहा है, एचटीपीपी की एक 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट बंद है। कुल क्षमता 2840 मेगावाट है, इसकी तुलना में करीब 2400 मेगावाट बिजली तैयार हो रही है।
गुरुवार को जब डिमांड उच्चतम स्तर तक जा पहुंचा तब 3400 मेगावाट बिजली सेंट्रल सेक्टर से खरीद कर आपूर्ति सुनिश्चित की गई। 10 दिन पहले जितनी बिजली की कुल खपत प्रदेश में थी उतनी अब खरीदकर कर आपूर्ति करनी पड़ रही है।