
Child Death: कोरबा जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। घर के पास खेल रहा 3 साल का मासूम बच्चा अचानक कुएं में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। कुछ देर तक बच्चे के दिखाई नहीं देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जब कुएं में बच्चे के गिरने की जानकारी हुई तो परिजनों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 34 स्थित पुरानी बस्ती के दादर बस्ती की बताई जा रही है। मृतक बच्चे की पहचान अभियांस पटेल के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक अभियांस पटेल रोज की तरह शनिवार को भी घर के आसपास खेल रहा था। परिवार के लोग अपने काम में व्यस्त थे। खेलते-खेलते बच्चा अचानक घर से लगी बाड़ी की तरफ चला गया। इसी इलाके में एक कुआं मौजूद था। परिजनों को कुछ देर बाद जब अभियांस दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने आसपास उसकी तलाश शुरू की। परिवार के लोगों ने घर और आसपास के स्थानों पर बच्चे को खोजा, लेकिन उसका पता नहीं चला। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती गई।
तलाश के दौरान परिजनों की नजर कुएं की तरफ गई। कुएं में देखने पर बच्चा पानी में गिरा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने तत्काल उसे बाहर निकाला। बच्चे को बचाने की उम्मीद में परिजन बिना देर किए उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने मासूम की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने अभियांस को मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कोरबा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण कुएं में पानी का स्तर काफी बढ़ गया था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय कुआं पानी से लगभग लबालब भरा हुआ था। ऐसे में घर के आसपास खेल रहे छोटे बच्चों के लिए खुले कुएं का खतरा और बढ़ गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और बस्तियों में मौजूद खुले कुओं, गड्ढों और अन्य जलस्रोतों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
अभियांस की मौत की खबर जैसे ही बस्ती में फैली, बड़ी संख्या में लोग परिवार के घर पहुंचे। मासूम की अचानक मौत से हर कोई दुखी है। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। एक ओर जहां परिवार अपने मासूम बच्चे को खोने के गम में डूबा है, वहीं इस घटना ने इलाके के लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि घरों के आसपास मौजूद खुले जलस्रोतों को लेकर कितनी सावधानी जरूरी है।