- स्वास्थ्य संबंधी कार्य के लिए ग्राम से 13 किलोमीटर दूर ग्राम चैनपुर के स्वास्थ्य केन्द्र जाना पड़ रहा है।
कोरबा. ग्राम पंचायत खुटाकुड़ा में स्वास्थ्य केन्द्र की दरकार है। स्वास्थ्य संबंधी कार्य के लिए ग्राम से 13 किलोमीटर दूर ग्राम चैनपुर के स्वास्थ्य केन्द्र जाना पड़ रहा है। मरीजों की काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले से 40 किलोमीटर दूर विकासखंड करतला क्षेत्र में ग्राम पंचायत खुटाकुड़ा है।
ग्राम की आबादी लगभग दो हजार पांच सौ से अधिक है। इन्हे स्वास्थ्य सुविधाओं को लाभ नहीं मिल रहा है। खुटाकुड़ा का स्वास्थ्य केन्द्र 13 किलोमीटर दूर चैनपुर अंतर्गत आता है। लंबी दूरी तय करने के कारण कई बार मरीजों की तबीयत और बिगडऩे की स्थिति निर्मित होती है। हालांकि ग्रामीण प्राथमिक उपचार के लिए दो किलोमीटर दूर बेहरचुंआ पहुंचते हैं लेकिन यहां भी स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस पर कोई पहल नहीं कर रहा है। सरकार ग्रामीण अंचल के लोगों के स्वास्थ्य के लिए करोड़ो रूपए खर्च करती है, लेकिन इन ग्रामीणों को योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र खुले।
जंगली जानवरों के होते है शिकार
करतला क्षेत्र भालू, हाथी सहित अन्य जंगली जानवरों का रहवास है। ग्राम खुटाकुड़ा पीढ़ारानी पहाड़ के नीचे बसा हुआ है। इस पहाड़ में भालू सहित अन्य जंगली जानवरों का रहवास है। ग्रामीणों का भालू से रोजाना सामना होता है। भालू के हमले का शिकार होते रहते हैं। रात्रि के समय सबसे अधिक खतरा रहता है।
समय पर नहीं पहुंचती एम्बुलेंस
गांव में मरीज की गंभीर अवस्था में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा के लिए संजीवनी व महतारी एक्सपे्रस समय पर नहीं पहुंचती है। घंटो इंतजार करना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों की तबीयत और बिगड़ जाती है। कई बार अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सुविधा नहीं मिलने से मरीज के जान जाने का खतरा बना रहता है।