
कोरबा. विधानसभा चुनाव मेें श्रमिक संगठन इंटक की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस भाजपा के समर्थन में खड़ा हुआ है। उसके लिए प्रचार प्रसार में उतर गया है। मजदूर कांग्रेस की बगावती तेवर ने कांग्रेस की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि इंटक के दूसरे गुट का दावा है कि मजदूर कांग्रेस के बागी होने से कोरबा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अभी तक इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) का समर्थन कांग्रेस पार्टी को मिलता रहा है। 2013 के विधानसभा चुनाव में इंटक ने कांग्र्रेस प्रत्याशी का समर्थन किया था। इसबार परिस्थितियां अलग है। इंटक दो गुटों में बंटा हुआ है। एक का नेतृत्व संजीवा रेड्डी करते हैं। रेड्डी गुट विकास सिंह के साथ खड़ा है। कोयला उद्योग में विकास राष्ट्रीय कोयला कामगार संघ के जिला अध्यक्ष हैं।
दूसरे गुट की कमान महाबल मिश्रा के पास है। गोपाल नाराण महाबल के करीबी माने जाते हैं। कोयला उद्योग में कर्मचारियों के बीच काम करने वाले साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस की मकान एसईसीएल में गोपाल नारायण सिंह के पास है। इस बार हो रही विधानसभा के चुनाव में गोपाल नारायण अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विकास महतो का खुलकर समर्थन कर रहा है। उनके लिए वोट मांग रहा है। राजनीति के जानकारों की माने तो लेफ्ट राइट के खेल ने कांग्रेस प्रत्याशी की परेशानी बढ़ाइ है।
इस कारण जानने के लिए शनिवार को पत्रिका ने गोपाल नारायण से बातचीत की। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा विधायक जयसिंह और उनके समर्थक विकास सिंह पर पैरलर संगठन बनाकर साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर संघ को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। वर्तमान परिस्थितियोंं के लिए विधायक जयसिंह और विकास को जिम्मेदार ठहराया।
वहीं विकास सिंह ने गोपालनारायण और उनके संगठन पर इंटक विरोधी काम करने का आरोप लगाया। विकास ने कहा कि लोकसभा के पिछले चुनाव गोपालनारायण और उनके गुट ने इंटक की नीति रीति के विपरित जाकर भाजपा के लिए काम किया। इससे लोकसभा प्रत्याशी चरण दास को कम मत मिले।
विकास का दावा है कि गोपालनारायण के भाजपा संग जाने से कोई नुकसान होगा। चरणदास की हार पर गोलापनारायण ने जुटकी लेते हुए कहा कि विधायक जयसिंह और विकास ने महंत के खिलाफ काम किया था। इससे मंहत को लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।