जिले में कुल 343 निजी स्कूल है। जिसमें से अब तक महज 65 से 70 स्कूलों ने ही ऑनलाइन जानकारी दी है।
कोरबा . तीन दिन के भीतर हर हाल में 278 निजी स्कूल अपनी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करें नहीं तो उनपर मान्यता रदद् करने की कार्रवाई की सकती है। गुरुवार को निजी स्कूल के प्रबंधकों व प्राचार्यों की बैठक में जिला शिक्षाधिकारी ने दो टूक कहा है कि तय समय के भीतर हर हाल में पोर्टल में रिक्त सीटों को अपडेट करें।
१५ अप्रैल से नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में एडमिशन शुरू होना है। इसके लिए पिछले एक पखवाड़े से निजी स्कूलों को एडूपोर्टल में कई बिंदुओं में जानकारी देनी है। जिले में कुल ३४३ निजी स्कूल है। जिसमें से अब तक महज ६५ से ७० स्कूलों ने ही ऑनलाइन जानकारी दी है। शेष लगभग २७८ स्कूलों ने जानकारी ही नहीं दी है।
इसे लेकर जिला शिक्षाधिकारी डी के कौशिक ने गुरुवार को सरस्वती उमावि सीएसईबी कोरबा पूर्व में जिले के सभी निजी स्कूलों की बैठक बुलाई थी। बैठक में सभी प्राचार्यों व प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि १५ अप्रैल से पहले तक हर हाल में अपनी जानकारी अपडेट की जाएं। ताकि इसके बाद यह पोर्टल जब अभिभावकों के लिए खुले तो उनको हर स्कूल की जानकारी मिल सके। डीईओ ने दो टूक कहा है कि अगर इसमें कहीं कोई लापरवाही होती है तो इसमें निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
डीईओ के आदेश की नाफरमानी कर रहे बीईओ : शिक्षक संघ
कोरबा. डीईओ ने शिक्षकों को समयमान वेतनमान देने के लिए आदेश जारी किया है, लेकिन बीईओ इसे अमल में नहीं ला रहें हैं। पिछले साल मई महीने में डीईओ ने शिक्षाकर्मियों को समयमान वेतनमान देने के लिए कहा था। आदेश को करीब 11 महीने बीत चुके हैं।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिला सचिव मानसिंह राठिया ने जिला के विकासखण्डों में पदस्थ खंड शिक्षा अधिकारियों को उदासीन बताया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को 10 एवं 20 साल से अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हे समयमान वेतनमान देने के लिए बीईओ को आदेश दिया था। आदेश पिछले साल मई महीने में दिया गया था। आदेश के 11 महीने बाद भी शिक्षकों को समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बाद भी बीईओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है।
शिक्षक संघ ने सभी बीईओ के खिलाफ कार्रवाई का मांग किया है। समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिलने से शिक्षकों में रोष व्याप्त है। संघ ने समस्या का जल्द निराकरण नहीं किए जाने की स्थिति में मामले को शिक्षा मंत्री एवं मुख्य सचिव के संज्ञान में लाने की चेतावनी दिया है।