- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी बेघरों को मिलेगा आश्रय
कोरबा. नगर निगम द्वारा कोसाबाड़ी जोन में 50 बेड वाला अब तक का सबसे बड़ा रैन बसेरा बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी कर ली गई है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत इसका निर्माण कराया जाएगा। जिसमें शहरी बेघरों को रात के वक्त रूकने में सुविधा मिलेगी। गौरतलब है कि वर्तमान में कोरबा शहर में तीन जगह रैन बसेरा की व्यवस्था है।
इसमें नया बस स्टैंड, वार्ड क्रमांक ११ स्थित रैन बसेरा व तीसरा जिला अस्पताल परिसर में है। लेकिन इनमें से नया बस स्टैंड महज नाम के लिए ही रैन बसेरा बनाया गया है। पूर्व में उक्त जगह बस स्टैंड का टिकट काउंटर हुआ करता था। जिसे निगम ने रैन बसेरा के रूप में तब्दील किया है। दो कमरे के इस भवन में बमुश्किल छह लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। निगम की लापरवाही से दिन में रैन बसेरा में ताला लगा रहता है। रैन बसेरा रात को खोला जाता है।
मुसाफिर रैन बसेरा को बंद देखकर शाम ढलते ही ठौर तलाश लेते हैं। जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है अकसर रात के समय दुकान, चौक-चौराहों में लोग सोते हुए दिखते हैं। इधर अब निगम द्वारा 50 बिस्तर क्षमता वाला रैन बसेरा बनाने के लिए तैयारी की गई है, जो कोसाबाड़ी क्षेत्र मेेंं बनेगा। इसके लिए निगम अभी निविदा प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
कोसाबाड़ी से ज्यादा जरूरी टीपीनगर में बनाने की
इसकी जरूरत कोसाबाड़ी जोन से अधिक टीपीनगर नए बस स्टैंड के आसपास बनाने की है। दरअसल अधिक संख्या में लोग बसों से या फिर रेलवे स्टेशन रोजी-रोटी की तलाश मेें आते हैं। रेलवे ने अपने परिसर में रैन बसेरा बनाने के लिए अनुमति नहीं दी। इसलिए नए बस स्टैंड के आसपास ५० सीटर रैनबसेरा की जरूरत अधिक महसूस की जा रही है।