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स्वच्छता सर्वेक्षण में कोरबा की ऊंची छलांग, देश के 4036 नगरों में कोरबा 37वें पायदान पर, जानें और जिलों का हाल…

- पिछले साल 500 शहरों मेंं 77 नंबर पर था कोरबा, इस बार ऊंची छंलाग -अंबिकापुर, बिलासपुर के बाद कोरबा शहर प्रदेश में तीसरा

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कोरबा

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Shiv Singh

Jun 23, 2018

स्वच्छता सर्वेक्षण में कोरबा की ऊंची छलांग, देश के 4036 नगरों में कोरबा 37वें पायदान पर, जानें और जिलों का हाल...

स्वच्छता सर्वेक्षण में कोरबा की ऊंची छलांग, देश के 4036 नगरों में कोरबा 37वें पायदान पर, जानें और जिलों का हाल...

कोरबा. स्वच्छता सर्वेक्षण में कोरबा शहर ने ऊंची छलांग लगाई है। देश के 4036 शहरों में कोरबा शहर ३७वां साफ व सुंदर शहर है। वहीं प्रदेश में कोरबा तीसरे नंबर पर है। पिछले साल सिर्फ 500 शहरों में कोरबा 77 नंबर पर था। इस बार अधिक शहरों के बीच मुकाबले में कोरबा ४० पायदान ऊपर पहुंचा है। सबसे बड़ी बात कि टॉप 100 की सूची में राजधानी रायपुर अपनी जगह नहीं बना सकी।

जनवरी से फरवरी तक देश भर के एक लाख से अधिक वाले शहरों के बीच स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर सर्वे कराया गया था। जिसमें उन शहरों में रोजाना होने वाली सफाई, उसके उठाव, निष्पादन, सार्वजनिक व निजी शौचालय के निर्माण से लेकर उपयोग पर दिल्ली की टीम ने तीन दिन सर्वेक्षण कर अपने साथ रिपोर्ट लेकर गई थी। जिसके परिणाम की घोषणा शनिवार को की गई।

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इसके मुताबिक देशभर में इस बार 4036 शहरों के बीच यह मुकाबला हुआ। जिसमें पहले नंबर पर इंदौर फिर से कायम है। कोरबा शहर इस सूची में ३७वें नंबर पर है। वहीं छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर भी फिर से पहले नंबर पर है। वहीं दूसरे नंबर पर इस बार बिलासपुर को स्थान मिला है। तीसरे नंबर पर कोरबा शहर ने अपनी जगह बनाई है। पिछले साल सर्वेक्षण में महज 500 शहरों को लिया गया था। जिसमें कोरबा को 77वां स्थान मिला था। इस बार ४ हजार से अधिक शहरों के बीच कोरबा शहर ने अपनी ऊंची छलांग लगाई है। 77 से सीधे 37वां स्थान पर पहुंचकर 40 छोटे-बड़े शहरों को कोरबा ने पछाड़ा है।

इन तीन वजहों से कोरबा शहर को मिली अच्छी रैंकिंग
01. ओडीएफ शहर: कोरबा निगम को पिछली बार ओडीएफ को लेकर बेहतर रैंकिंग को लेकर हाथ धोना पड़ा था। २०१६-१७ में कोरबा शहर में आधे से भी कम वार्डों में शौचालय नहीं बन सके थे। इस बार सर्वेक्षण से तीन माह पहले ही कोरबा निगम ने शौचालय निर्माण करवाकर शहर को ओडीएफ घोषित करा लिया था। जिससे इस बार फायदा मिला।

02. डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व एसएलआरएम सेंटर: पिछली बार डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व उसके निष्पादन के लिए एसएलआरएम सेंटर का निर्माण ही पूरा नहीं हो सका था। जिसकी वजह से रिक्शा के माध्यम से कलेक्शन किसी भी वार्ड तक शुरू नहीं हो सका। लिहाजा पिछली बार टीम ने इसे लेकर काफी कम अंक कोरबा शहर को दिए गए थे।

03. दिन के साथ रात को भी सफाई: सफाई ठेकेदारों ने भी इस सर्वेक्षण मेें कोरबा निगम को पूरी मदद की। सर्वेक्षण से ठीक पहले ठेकेदारों ने शहर मेें एक सप्ताह के लिए काम ठप्प कर दिया था। ऐसे में ठेकेदारों ने दिन के बाद रात में भी शुरू किए गए सफाई की वजह से भी काफी फर्क पड़ा है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का हाल
अंबिकापुर 11वां
बिलासपुर 22वां
कोरबा 37वां
दुर्ग 38वां
रायगढ़ 54वां
राजनांदगांव 59वां
भिलाईनगर 71वां