
इस कंपनी के चार डायरेक्टरों के खिलाफ मानिकपुर चौकी में केस दर्ज, आखिर ऐसा क्या कर रहे थे ये डायरेक्टर, पढि़ए खबर...
कोरबा. कम समय में राशि दोगुना करने का झांसा देकर एक चिटफंड कंपनी ने सैकड़ों निवेशकों को ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस का अनुमान है कि कंपनी ने लगभग एक करोड़ रुपए ठगा है। मामले में कंपनी के चार डायरेक्टरों के खिलाफ पुलिस ने मानिकपुर चौकी मेें केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि चिटफंड कंपनी विनोद प्रोजेक्ट लिमिटेड के खिलाफ मानिकपुर चौकी में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। कंपनी के खिलाफ दर्री रोड निवासी दीपक यादव ने रिपोर्ट लिखाई है। इसमें बताया गया है कि वर्ष २०१२ में दीपक ने कंपनी में २७ हजार रुपए निवेश किया था। बांड की अवधि पूरी होने पर कंपनी ने पांच साल में दोगुना राशि लौटाने का झांसा दिया था।
निवेशकों को भरोसा जीतने के लिए कंपनी ने दीपक के साथ एक शपथ पत्र पर एग्रीमेंट भी किया था। इसमें लिखा गया था कि पैसा नहीं मिलने की स्थिति में कंपनी अपनी प्रापर्टी में दीपक को हिस्सेदार बनाएगी। कंपनी जमीन खरीदी बिक्री से भी जुड़ी थी। इस बीच कंपनी ने वर्ष २०१३ में कोरबा के दफ्तर को बंद कर दिया। दीपक ने निवेश की गई राशि को पाने के लिए कंपनी के कोरबा के कुसमुंडा में रहने वाले डायरेक्टर सांतनु घटक और गीता सिंह से सम्पर्क किया। दोनों ने बांड की अवधि पूरी होने पर राशि लौटाने का वादा किया। लेकिन अवधि पूरी होने के बाद दीपक को राशि नहीं लौटाई। दीपक ने ठगी की शिकायत मानिकपुर चौकी में की थी।
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पुलिस ने जांच के बाद कंपनी के डायरेक्टर सांतनु घटक, गीता सिंह, धीरेन्द्र स्वाइन और हीतिन स्वाइन सहित अन्य के खिलाफ चिटफंड की धारा और आईपीसी की धारा 420 का केस दर्ज किया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। दीपक ने पुलिस को बताया कि विनोदनी प्रोजेक्ट का दफ्तर शारदा विहार इलाके के एक एमआईजी मकान में वर्ष 2009 से 2013 तक चल रहा था। पुलिस को प्रारंभिक जानकारी मिली है कि चिटफंड कंपनी ने कोरबा के 500 से 600 निवेशकों को चूना लगाया है।
Published on:
23 Jun 2018 12:45 pm
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