- केवल कागजी खानापूर्ति में लगे रहने के कारण सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों नहीं बदल पा रही हैं
करतला. कोरबा विकासखण्ड के लबेद में संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। पूर्व माध्यमिक शाला में विभाग द्वारा एक शिक्षक व एक शिक्षिका पदस्थ हैं। शिक्षक के नहीं होने से विद्यार्थी कक्षा में बैठने की बजाय इधर-उधर घूमते नजर आते हैं। जबकि अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा सामने है। शिक्षकों की कमी के कारण पालक चिंतित हंै। ग्रामीणों ने बताया कि माध्यमिक शाला में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
एक तरफ शासन जहां शासकीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जगह-जगह हाईस्कूल खोल कर नए भवन करोड़ों रुपए की लागत से बनाए जा रहे हैं। लेकिन आला अधिकारियों की मनमाना रवैये के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था गंभीर बनी हुई है। जिन स्कूलों में मात्र दो से पांच छात्र ही अध्ययनरत हैं। वहां पर 2-2 शिक्षक पदस्थ हैं और जहां 100 से भी अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं वहां मात्र एक ही शिक्षक तैनात है। ग्रामीण क्षेत्रों की काफी गंभीर स्थिति बनी हुई है। केवल कागजी खानापूर्ति में लगे रहने के कारण सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों नहीं बदल पा रही हैं। स्कूलों में शिक्षकों की कमी होना आज की समस्या नहीं है बल्कि वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर लंबे अरसे से काम चलाया जा रहा है।