
कोरबा. दो साल पहले संपतिकर में की गई ५० फीसदी की बढ़ोत्तरी का आदेश नगर निगम ने निरस्त कर दिया है। टैक्स की गणना पुरानी दर पर की जाएगी। इससे निगम क्षेत्र में रहने वाले ३० से ३५ हजार टैक्सदाता को राहत मिलेगी। शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त रणबीर शर्मा ने संपतिकर में की गई बढ़ोत्तरी को निरस्त करने का आदेश जारी किया। इसमें बताया गया है कि पूर्व में नगर निगम ने संपतिकर में बढ़ोत्तरी का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल ने बिलासपुर हाईकोर्ट में एक रिट दायर की थी। इसमें संपतिकर में बढ़ोत्तरी के फैसले को चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आयुक्त को बढ़ी हुई दरों को निरस्त करने का आदेश दिया था। इसका पालन करते हुए आयुक्त ने बढ़ी हुई दरों को निरस्त करने संबंधित आदेश पर दस्तखत कर दिया। यह आदेश प्रभावशील हो गया है।
पूर्व आयुक्त ने सरकार के इशारे पर बढ़ा दी थी संपत्तिकर
कोरबा नगर निगम ने संपतिकर बढ़ाने का आदेश तत्कालीन निगम आयुक्त अजय अग्रवाल ने दिया था। यह आदेश प्रदेश सरकार के इशारे पर जारी किया गया था। इसके तहत संपतिकर में ५० फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी। बढ़ी हुई दरें पहली अप्रैल, २०१६ से लागू की गई थी।
सरकार बदलते ही आदेश जारी
प्रदेश में भाजपा की सरकार गिरते ही निगम आयुक्त ने हाईकोर्ट के आदेश को लागू कर दिया है। राजनीतिक खींचतान से कोर्ट का आदेश लागू करने में अफसर देरी कर रहे थे।