कोरबा

समय पर वेतन देयक नहीं हुआ जमा तो, अफसरों के खाते से पैसे काटने के निर्देश पढिए खबर

आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा वेतन देयक विलम्ब से प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

2 min read
Apr 11, 2018
आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा वेतन देयक विलम्ब से प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

कोरबा . नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अभिदाताओं का मासिक अंशदान एनएसडीएल को समय पर जमा किया जाना सुनिश्चित करने के लिए विभागों को शासकीय कर्मचारियों के मासिक वेतन का भुगतान माह के अंतिम कार्य दिवस को अनिवार्य रूप से करने का निर्देश जारी किया गया है।

राज्य शासन के ध्यान में लाया गया है कि कुछ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा उक्त निर्देशों का पालन नहीं करते हुए वेतन देयक विलम्ब से प्रस्तुत किये जा रहे हैं। फ लस्वरुप वेतन का भुगतान आगामी माह में होने के कारण नवीन अंशदायी पेंशन योजना के सदस्यों का मासिक अंशदान विलंब से एनएसडीएल को अंतरित होता है एवं इससे कर्मचारियों को उस माह के ब्याज से वंचित होना पड़ता है। कलेक्टर ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को वित्त विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये हंै।

ये भी पढ़ें

सामाजिक, साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने के लिए ये राजनीतिक दल गांधी चौक पर रखा उपवास, भाजपा पर जमकर बरसे


राज्य शासन की अधिसूचना व वित्त निर्देश अंतर्गत कोषालय संहिता भाग-1 के सहायक नियम 206 में संशोधन करते हुए शासकीय सेवकों के मासिक वेतन का भुगतान मार्च माह के वेतन को छोड़कर माह के अंतिम दो कार्य दिवसों में करने का निर्णय लिया गया है, जिससे कर्मचारियों के मासिक वेतन का भुगतान उसी माह सुनिश्चित करना आसान होगा। राज्य शासन द्वारा संदर्भित ज्ञापन में संशोधन करते हुए वेतन देयक कोषालय में प्रस्तुत करने के संबंध में निर्णय लिया गया है

कि आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा शासकीय सेवकों का मासिक वेतन देयक उसके देयता तिथि से कम से कम पांच कार्य दिवस पूर्व कोषालय में प्रस्तुत किया जायेगा।


संदर्भित ज्ञापन में मासिक वेतन का आहरण समय सीमा में न होने की स्थिति में आहरण एवं संवितरण अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने एवं विलंब की स्थिति में अभिदाता को होने वाले ब्याज हानि की वसूली उसके वेतन से करने के निर्देश है। ब्याज की वसूली गत वित्तीय वर्ष में योजनांतर्गत संबंधित अभिदाता द्वारा निवेश पर प्राप्त रिटर्न की दर से लागू ब्याज की दर से की जावेगी।


ब्याज की राशि की वसूली हो जाने तक कोषालय द्वारा संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी का वेतन देयक पारित नहीं किया जाएगा। अभिदाता को हुई ब्याज की हानि के लिए उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने से पूर्व संबंधित शासकीय सेवक को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाय। इसके लिए सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों का पृथक वेतन देयक प्रस्तुत किया जाय, जिसमें बिल यूनिट 999 अंकित किया जाय।


उपरोक्त वसूली योग्य ब्याज की राशि का चालान लोक लेखा शीर्ष 8342 अन्य जमा 117.शासकीय सेवकों के लिए परिभाषित अंशदायी पेंशन योजनाएं 6805 अंशदान ब्याजए में जमा किया जावेगा तथा चालान की मूल प्रति व एनेक्जर.1 में ब्याज का विवरण संबंधित कोषालय में प्रस्तुत किया जायेगा।

जिला कोषालय संबंधित सहायक पंजी में प्रविष्टि कर अभिदाता के पीआरएएन खाते में ऑनलाइन प्रविष्टि करेंगे। संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन द्वारा वर्तमान व्यवस्था के तहत ब्याज की राशि का स्थानांतरण ट्रस्टी बैंक को किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

हादसे को रोकने बनाए गए नियमों का कड़ाई से हो पालन तो नहीं होंगे हादसे : पीके सरकार
Published on:
11 Apr 2018 11:17 am
Also Read
View All