- ग्रामीण हाथियों के डर से सहमे हुए गुजर बसर करने को मजबूर हैं
कोरबा. रामपुर विधायक श्यामलाल कंवर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बुधवार को सुबह रिस्दी चौक में धरना दिया। धरने में शामिल नेताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से हाथियों की समस्या सुलझाने हाथी अभयारण्य की मांग की। विधायक श्याम लाल कंवर ने कहा कि उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर कर अवगत कराया था कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र व कोरबा जिला हाथियों की समस्या से जूझ रहा है।
हाथी जंगलो को छोड़कर बस्तियों में प्रवेश कर रहे है। ग्रामीणों के मकान और फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हाथियों के द्वारा ग्रामीणों को मार दिया जा रहा है। इस वर्ष भी अब तक कई घटनाओं में ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में घायल भी हुए हैं।
ग्रामीण हाथियों के डर से सहमे हुए गुजर बसर करने को मजबूर हैं। वनकर्मियों के पास मशाल और टार्च होते हैं। ऐसे परिस्थितियों में ग्रामीणों के साथ साथ वनकर्मियों को भी कई बार आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है। केन्द्र की पूर्व सरकार हाथी अभयारण्य का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था। इस पर अमल नहीं किया जा रहा है।
वहीं बेला गांव में करंट लगने से हाथी की मौत के मामले में वन विभाग को वेटनरी डॉक्टरों से पीएम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद भी करंट लगाने वाले ग्रामीण पर एफआईआर दर्ज होगी। गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व ग्राम बेला के उरांव बस्ती में करंट की चपेट में आने से नर हाथी की मौत हो गई थी। मादा हाथी के पूरे एक दिन तक नर हाथी के शव के पास रहने की वजह से पीएम व अंतिम संस्कार की कार्रवाई दूसरे दिन हो सकी थी।
पहले मौत को लेकर कहा जा रहा था कि बिजली के लिए खींचे गए तार की चपेट में हाथी आ गया था, लेकिन जब वन अमले ने जांच की तो यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण ने ही अपने बचाव के लिए घर की बाड़ी में करंट प्रवाहित तार बिछाया था। इसी की करंट में आकर उसकी मौत हो गई थी। जांच कर ग्रामीण महादेव राठिया का बयान भी दर्ज किया गया था। जिसमें उसने कबूल किया कि अपने परिवार को बचाने के लिए उसने यह काम किया। अब इस मामले में वन विभाग को वेटनरी डॉक्टर से पीएम रिपोर्ट का इंतजार है।