पुलिस पहुंची मौके पर, वरपक्ष के लोगों को लाया गया चौकी
कोरबा . रिश्ता तय हुआ छोटे भाई से, और शादी कराने की तैयारी थी बड़े भाई से। वरमाला के बाद स्टेज में जब फोटो सेशन हुआ। उस वक्त इसका खुलासा हो गया। लड़की पक्ष ने दुल्हा सहित पूरे बारातियों की जमकर खबर ली। उसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
बालको थाना अंतर्गत परसाभांठा दुर्गा पंडाल के पास निवासरत कृष्णा साहू के 24 वर्षीय पुत्र दिनेश साहू का विवाह रामपुर बस्ती में रहने वाले एक सजातीय परिवार के पुत्री के साथ तय हुआ था। डेढ़ माह पूर्व दोनों परिवारों ने सगाई की रस्म पूरी की थी। दुल्हन के पिता का कहना है कि उसने तिलक के रूप में लड़के पक्ष को 1 लाख 10 हजार रुपए दिया था। शुक्रवार को रामपुर बस्ती में बरात आने वाली थी।
इसकी तैयारी लड़की पक्ष ने पूर्ण कर ली थी। रात्रि लगभग 9:30 बजे बारात रामपुर बस्ती स्थित सामुदायिक भवन पहुंची। लड़की पक्ष बारातियों का स्वागत करने सामुदायिक भवन पहुंचे। बताया जा रहा है कि दूल्हे के बड़े भाई रंजीत साहू उम्र 32 वर्ष ने कुछ दिन पूर्व ही कांशी नगर में किराए का मकान लिया था।
कांशी नगर में ही शादी समारोह चल रहा था।छोटे भाई दिनेश साहू उर्फ मोनू का नाम शादी कार्ड में छपा था लेकिन दिनेश की जगह में रंजीत शादी करने के लिए पहुंचा। जबकि दुल्हा दिनेश घर में मौजूद था। उसे घटना की पूरी जानकारी होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद वह इस बात को अपने तक ही छिपाकर रखा था। परिजनों के मुताबिक बड़ा भाई रंजीत पहले से शादीशुदा है। 4-5 वर्ष पूर्व रंजीत का विवाह बिहार में रहने वाली एक युवती से हुआ था। रंजीत की एक पुत्री है। कुछ वर्ष पूर्व रंजीत की पत्नी ने उसे छोड़ दिया। रात में शामिल हुए अन्य सहयोगियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं दिनेश साहू को भी उसके घर से पूछताछ के लिए चौकी लाया गया।
घटना के संबंध में रामपुर चौकी पुलिस से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि लड़की पक्ष के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।
कम बाराती देख हुआ शक, दोस्तों को परिजन बनाकर पहुंचा
अनुमान से कम बरातियों को देखकर लड़की पक्ष के लोगों को आभास हुआ कि कुछ ना कुछ गड़बड़ है। लड़की पक्ष ने विवाह से पहले ही लड़के पक्ष के परिजनों से बरातियों के बेहतर सत्कार को लेकर बराती संख्या की जानकारी ली थी। जिसपर वर पक्ष द्वारा बताया गया कि 70 से 80 बाराती आएंगे।
लड़की के पिता द्वारा लगभग 100 बारातियों का इंतजाम किया गया था। बरात में शामिल होने के लिए केवल 8 से 10 लोग ही पहुंचे थे। रंजीत बालको प्लांट में ठेका श्रमिक के रूप में कार्य करता है। वह अपने परिजनों को शादी में नहीं ले गया। केवल प्लांट में कार्य करने वाले कुछ सहयोगियों को परिजन बनाकर पहुंचा था।
उसका एक दोस्त ही उसका जीजा बनकर बरात में शामिल हुए था। छोटा भाई दिनेश वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। जब उससे इसकी जानकारी ली गई तो उसने बताया कि उसके बड़े भाई रंजीत साहू ने घर में रहने की बात कही थी। इस वजह से वह घर में रह गया।