Property Card: कोरबा जिले में बिना दस्तावेज पीढ़ियों से गांव की जमीन पर बसे 44 गांव के लोगों को जिला प्रशासन प्रोपॅर्टी कार्ड देने जा रहा है।
Property Card: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बिना दस्तावेज पीढ़ियों से गांव की जमीन पर बसे 44 गांव के लोगों को जिला प्रशासन प्रोपॅर्टी कार्ड देने जा रहा है। इसके लिए पात्र ग्रामीणों की संया का अंतिम प्रकाशन कर दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से प्रकाशित इस सूची में 44 गांव के 2636 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इसका सबसे ज्यादा लाभ भैसमा तहसील में रहने वाले 40 गांव के 2057 लोगों को मिलने जा रहा है। इस सूची का प्रकाशन कोरबा कलेक्टर के अनुमोदन के बाद किया गया है। जल्द ही जिला प्रशासन के राजस्व विभाग की ओर से संबंधित लोगाें के नाम पर प्रोपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे। इसकी पुष्टि कलेक्टर कार्यालय के भू- अभिलेख शाखा की ओर से की गई है।
कोरबा की गिनती प्रदेश के वनांचल क्षेत्रों में की जाती है। जिले में 792 गांव हैं। इसमें अभी भी हजारों की संया में ऐसे लोग हैं, जो कई पीढ़ियों से गांव की जमीन पर बसे हैं। लेकिन उनके पास बसाहट की जमीन से संबंधित कोई राजस्व रिकार्ड नहीं है। इस स्थिति में उस जमीन पर भी अपना दावा नहीं कर पाते हैं, जिसपर कई पीढ़ियां उनका रहता आया है।
ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए केन्द्र सरकार ने 2020 - 21 में एक योजना की शुरूवात की थी। इसका जिले में तेजी से अमल हो रहा है। एजेंसियों के सर्वे के बाद जिला प्रशासन पात्र पाए गए 2636 लोगों को प्रोपर्टी भू- स्वामी मान लिया है। उनके लिए प्रोपर्टी कार्ड जारी करने जा रहा है। इसकी तैयारी जिला प्रशासन की ओर से जोर शोर से चल रही है।
राजस्व विभाग की भू- अभिलेख शाखा की ओर से बताया गया कि 44 गांव के पात्र लोगों के नाम जो प्रोपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे उससे संबंधित पूरी जानकारी छत्तीसगढ़ सरकार के भूइयां साटवेयर में अपलोड की जाएगी। इसमें भू- स्वामी का नाम, पता और जमीन का रकबा स्पष्ट होगा।
अन्य जरुरी जानकारियां भी साटवेयर में ऑपलोड रहेगी। प्रोपर्टी कार्ड प्राप्त होने के बाद ग्रामीण उस जमीन का मालिक बन जाएंगे जहां वे पीढ़ियों से रह रहे हैं। जरुरत पड़ने पर वे प्रोपर्टी कार्ड के जरिए अपनी जमीन को बैंक या अन्य संस्थानों के पास गिरवी रखकर कर्ज ले सकेंगे। चाहे तो किसी अन्य व्यक्ति को बेच भी सकेंगे।
राजस्व विभाग की ओर से बताया गया कि जिला प्रशासन की इस योजना का लाभ दीपका तहसील के गांव अखरापाली, मुढाली, भलपहरी, रंगबेल, मौहाडीह, कटसीरा, जपेली, घनाडबरी, सरइसिंगार, कन्हैयाभांठा और बतारी के लोगों को मिलेगी। दर्री तहसील के गांव धनरास और छुरीखुर्द, भैसमा तहसील के गांव चाकामार, कल्दामार, मदनपुर, तौलीपाली, बताती, हाथीमुड, श्यांग, अमलडीहा, पसरखेत, बलसेंधा, गुरमा, बरपाली, कटकोना, बासीन, गिद्धकुंवारी, कुदमुरा, फुलसरी, जिल्गा, सोलवां, लबेद, चिर्रा, सिमकेंदा, छिरहुट, बगबुड़ा, बेंदकोना, करमंदी, कुकरीचोली, चितापाली, भैसमा, कोल्गा, चचिया, गेरांव, कोरकोमा, रजगामार, केराकछार, सकदुकला, बुंदेली, ठाकुरखेता, भेलवाटार और मसान शामिल है।