
BPL Ration Scheme: कोरबा जिले में 77 हजार से अधिक बीपीएल हितग्राही ऐसे हैं, जिन्होंने राशन अब तक ई-केवायसी नहीं कराया है। इस कारण शासन ने इन हितग्राहियों का राशन आबंटन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही जल्द ही इन हितग्राहियों को ई-केवायसी कराने कहा है। अन्यथा बीपीएल राशन कार्ड से नाम हटा दिए जाएंगे। इससे परिवार के सदस्यों की परेशानी बढ़ने वाली है।
जिले में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन कर रहे हितग्राही परिवारों को शासन की ओर से सस्ते दर पर शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से राशन उपलब्ध कराई जाती है। इन हितग्राही परिवारों की संख्या लगभग तीन लाख 24 हजार 718 है। इसमें प्राथमिकता, अंत्योदय, निराश्रित व नि:शक्त कार्डधारी शामिल हैं। इन परिवारों को एक रुपए प्रति किलोग्राम की दर से प्रत्येक सदस्य को सात किलोग्राम चावल व दो या उससे कम सदस्य होने पर प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम चावल उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा चना, शक्कर व नमक वितरण किया जाता है। इसके अलावा एपीएल राशनकार्डधारी परिवारों की संख्या 37 हजार 474 है। लेकिन इनमें से कई ऐसे हितग्राही हैं, जो बाहर चले गए हैं या फिर उनकी मृत्यु हो चुकी है। लेकिन हितग्राही परिवार के सदस्यों ने इसकी जानकारी नहीं दी है।
वहीं कई ऐसे भी परिवार हैं, जो कोरबा छोड़कर बारह चले गए हैं। इसकी वजह से लंबे समय से उन्होंने राशन नहीं लिया है। ऐसे हितग्राही सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक लगभग 77 हजार से अधिक बीपीएल हितग्राही परिवार के सदस्यों ने ई-केवायसी नहीं कराया है। यह जानकारी खाद्य विभाग की ओर से शासन को उपलब्ध कराई है। इस आधार पर शासन ने ई-केवायसी सू छूटे हुए सदस्यों का राशन आबंटन रोक दिया है। विभाग ने ई-केवायसी से छूटे हुए इन सदस्यों जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है।
कोरबा जिले में लगभग 554 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ई-केवायसी से छूटे हुए सदस्यों को इसकी सूची उपलब्ध कराई गई है। उन्हें सूची के आधार पर सदस्यों को जानकारी एकत्र करने को कहा गया है। साथ ही उन्हें ई-केवायसी के लिए जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है।
खाद्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि ई-केवायसी से छूटे हुए सदस्यों को 15 जुलाई तक पीडीएस दुकानों के माध्यम से केवायसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया गया है। इसके बाद भी ई-केवायसी नहीं कराने पर राशन कार्ड से उन सदस्यों नाम को हटाया जाएगा। इसमें से अब 77 हजार से अधिक नाम चिन्हांकित किए गए हैं। ई-कवायसी कराने पर राशनकार्ड में नाम यथावत रहेंगे।
बीपीएल हितग्राही परिवार के प्रत्येक सदस्यों को ई-केवायसी की प्रकिया पूरी करना अनिवार्य है। इससे 77 हजार से अधिक सदस्य छूटे हुए हैं। उन्हें जागरूक कर ई-केवायसी कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। - घनश्याम कंवर, जिला खाद्य अधिकारी, कोरबा