कोरबा

हाथियों का ऐसा भय कि ग्रामीण आंगन में फले कटहल को तोड़कर फेंक रहे जंगल में

तीसरे दिन हाथियों के झुंड ने कोई उत्पात नहीं मचाया

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May 30, 2018
तीसरे दिन हाथियों के झुंड ने कोई उत्पात नहीं मचाया

कोरबा . हाथी महुआ शराब और कटहल की खुशबु की वजह से गांव तक ना पहुंचे इसलिए ग्रामीण अब बाड़ी से कटहल तोड़कर जंगलों में फेंकना शुरू कर दिया है। तीसरे दिन हाथियों के झुंड ने कोई उत्पात नहीं मचाया।
कटघोरा वनमंडल के दोनों ही वनपरिक्षेत्र केन्दई और एतमानगर में हाथियों का झुंड अब भी जमे हुए हैं। एतमानगर में चार नर, 15 मादा और नौ बेबी एलीफेंट है।

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वहीं केन्दई में भी चार नर, सात मादा व चार बेबी ऐलीफेंट का झुंड है। वन विभाग की माने तो दोनों ही झुंड में बेबी ऐलीफेंट अधिक होने की वजह से हाथी बहुत जल्द एक जगह से दूसरी जगह तक नहीं जाते। जिस क्षेत्र में झुंड वर्तमान में एक सप्ताह से है, वहां पर कटहल की पैदावर सबसे अधिक होती है। जिन भी जगहों पर हाथियों ने कुछ दिन से उत्पात मचाया है। वहां कटहल काफी मात्रा में लगे हुए थ्ेा। कई जगहों पर हाथियों ने कटहल चट किया है। ऐसे में हाथी गांव तक ना पहुंच जाएं इसके लिए वन विभाग द्वारा गांव-गांव में इसके लिए लोगों को समझाइश दी जा रही है।


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मिजल्स रूबेला अभियान के लिए बैठक कल
कोरबा. राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी माह अगस्त 2018 में संपूर्ण प्रदेश में मीजल्स रूबेला अभियान संपादित किया जायेगा। जिसमें 9 माह से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रए शिक्षा संस्थान जैसे सरकारीध्गैर सरकारी विद्यालय मदरसा आदि में पहुंचकर खसरा.रूबेला ;एमण्आरण्द्ध का एक टीका दिया जायेगा। उक्त अभियान को जिले में सफल बनाने हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक 31 मई को शाम पांच बजे कलेक्टेऊट सभागृह कोरबा में आयोजित की गई है।

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Published on:
30 May 2018 12:15 pm
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