- समिति के प्रबन्धक एवं वनमण्डल के अधिकारियों की लापरवाही से संग्राहकों के खाते में बोनस की राशि नहीं पहुंची
करतला. कोरबा वनमण्डल की चाचिया समिति में एक हजार से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को 6 माह बीत गए लेकिन अब तक बोनस की राशि खाते में नहीं पहुंची। रात-दिन मेहनत करने वाले संग्राहकों के चेहरे से उत्साह पर वनमण्डल के अधिकारी पानी फेर रहे हैं। बोनस के लिए संग्राहक पिछले 6 माह से चचिया समिति प्रबंधक से लेकर कोरबा वनमण्डल मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी खून पसीने की कमाई का मिलने वाला बोनस अब तक नहीं मिला है।
तेंदूपत्ता तुड़ाई के बीते सीजन 2016 में 10 मानक लाख मानक बोरा से अधिक तेंदूपत्ता की तुड़ाई की गयी थी। महीनों बीत जाने के बाद भी तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में बोनस की राशि नहीं भेजी जा रही है। समिति के प्रबन्धक एवं वनमण्डल के अधिकारियों की लापरवाही से संग्राहकों के खाते में बोनस की राशि नहीं पहुंची है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहको के सामने आर्थिंक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। एक तरफ सूखा से फसल की पैदावार नहीं हुई तो दूसरी तरफ सीएम की घोषणा के बाद भी बोनस की राशि नही मिल रही है।
चचिया समिति के तेंदूपतत्ता संग्रहकों का कहना है कि वनमण्डल के अधिकारी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। पिछले साल नौ नवम्बर को मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रायगढ़ के धरमजयगढ़ दशहरा मैदान में तेंदूपत्ता बोनस राशि बांटने की शुभारम्भ किया। लेकिन दो महीने बाद भी चचिया समिति तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण नहीं हो पाया है। इससे संग्राहक परेशान हैं।
-चचिया समिति समिति का तेंदूपत्ता का विक्री प्रकरण ठेकेदार के द्वारा नहीं किया गया है इस सम्बन्ध में ठेकेदार को पत्र दिया गया है। बिक्री होते ही बोनस की राशि संग्रहकों को दी जाएगी- टिकेश्वर राठिया, अध्यक्ष, जिला वनोपज संघ कोरबा