- ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है
कोरबा . भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने नगर निगम कोरबा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा था। इस ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और अब इस पर 18 अप्रैल को कलेक्टर के समक्ष सुनवाई होगी। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष योगेश जैन के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर निगम के सभापति धुरपाल सिंह कंवर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाबत ज्ञापन सौंपा था।
विपक्षी पार्षदों का कहना है कि निगम में स्थानीय निकाय के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। जन कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर तरीके से कार्यान्वयन नहीं हो रहा है और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों की भी कई प्रकार की समस्याएं लंबित हैं। इसके अलावा भी अविश्वास प्रस्ताव लाने लायक कई प्रमुख बिन्दुओं का जिक्र किया गया था। मामले की गंभीरता देखते हुए कोरबा कलेक्टर मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने इस पर ज्ञापन कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कलेक्टर की ओर से नेता प्रतिपक्ष योगेश जैन को पत्र भेज कर जानकारी भी दी गयी है। इसमें कहा गया है कि धुरपाल सिंह कंवर सभापति नगर निगम कोरबा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 की धरा 23 क उप धारा 02 के तहत सभापति के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसके संबंध में प्रत्यक्ष सुनवाई १९ अप्रैल को कलेक्टोरेट में होगी। इसमें योगेश जैन को अनिवार्य रूप से सुनवाई के समक्ष उपस्थित होनी है।
नगर निगम में सत्तारूढ़ कांग्रेस के पार्षदों के बीच चल रही उठापटक से विपक्षी दल भाजपा को उम्मीद है कि वे सभापति को हटाकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने में कामयाब हो जाएंगे। वर्तमान में कांग्रेस का साथ छोड़ चुके पार्षद भी इस मामले में सक्रिय हैं और कुछ कांग्रेस छोड़ चुके पार्षद फिर से कांग्रेस में लौट आए हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अब निगम निगम की राजनीति किस करवट बैठती हैं।