कोरबा

स्वीकृति के बाद भी अंडर ग्राउंड केबलिंग की योजना ठंडे बस्ते में, 28 हजार बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी नहीं हो रही कम

स्थानीय लोग और ट्रेड यूनियन की मांग पर बिजली कंपनी ने कोरबा शहर में बिजली की तार को अंडर ग्राउंड करने की स्वीकृति दी थी।

less than 1 minute read
Oct 26, 2018
स्वीकृति के बाद भी अंडर ग्राउंड केबलिंग की योजना ठंडे बस्ते में, 28 हजार बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी नहीं हो रही कम

कोरबा. स्वीकृति के करीब एक साल बाद भी शहर में बिजली की तारों को अंडर ग्राउंड नहीं किया जा सका है। आलम यह है कि ये योजना फाइलों से बाहर ही नहीं निकल सकी है। इसके कारण निर्बाध बिजली की सप्लाई फिलहाल एक चुनौती बनी हुई है। स्थानीय लोग और ट्रेड यूनियन की मांग पर बिजली कंपनी ने कोरबा शहर में बिजली की तार को अंडर ग्राउंड करने की स्वीकृति दी थी। इसके लिए बजट भी स्वीकार किया है। लेकिन टेंडर की प्रक्रिया चालू नहीं हो सकी है।

इससे २८ हजार बिजली उपभोक्ताओं परेशानी कम नहीं हो रही है। हल्की हवा या बारिश होने पर शहर की बिजली बंद हो जाती है। कई घंटे शहर के लोगों को अंधेरे में गुजारना पड़ता है। आंधी-तूफान या तेज बारिश में बिजली एक से अधिक बार बंद होती है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए अंडर ग्राउंड केबिलिंग की योजना बनाई गई है। योजना में सीएसईबी की कोरबा पूर्व कॉलोनी को भी शामिल किया गया है। बिजली कंपनी की योजना जमीन पर उतरती है, तो बिजली चोरी रोकने में विभाग को मदद मिलेगी। केबल में काटछांट मुश्किल होगा।

ये भी पढ़ें

खेती-किसानी का काम बंद, बावजूद मनरेगा को नहीं मिल रहे मजदूर, इतने हजार मजदूर हुए कम

खंभे पर तान रहे प्लास्टिक कोटेड केबल
अंडर ग्राउंड केबलिंग के काम में हो रही देरी से विभाग के स्थानीय अफसर बिजली के खंभों पर ही एबीसी केबल तान रहे हैं। विभाग का कहना है कि तेज आंधी या बारिश होने पर भी इस तार पर अधिक असर नहीं पड़ेगा। विभाग द्वारा शहर के विद्युत वितरण व्यवस्था में आने वाली समस्या के मद्देनजर अंडरग्राउंड केबलिंग की योजना बनायी गई थी।

-अंडर ग्राउंड केबलिंग की योजना विचारधीन है। टेंडर होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। तरूण ठाकुर, ईई, कोरबा

ये भी पढ़ें

कलेक्टोरेट परिसर छावनी में तब्दील, 100 मीटर के दायरे में किसी भी वाहन की एंट्री नहीं, जानें क्या है वजह…

Published on:
26 Oct 2018 11:32 am
Also Read
View All