स्थानीय कांग्रेसी पदाधिकारियों की बेरूखी झेलनी पड़ी
कोरबा. कांग्रसे प्रवेश के बाद कोरबा के कलेक्टर रहे पूर्व आईएएस आरपीएस त्यागी पहली बार कोरबा पहुंचे। इस दौरान उन्हें स्थानीय कांग्रेसी पदाधिकारियों की बेरूखी झेलनी पड़ी। स्वागत में कोई भी कांग्रेसी पदाधिकारी रेलवे स्टेशन नहीं पहुचंा।
कांग्रेस का दामन थामने के बाद पहली बार कोरबा पहुंचे पूर्व आईएएस आरपीएस त्यागी का रेलवे स्टेशन में स्वागत तो किया गया। लेकिन उनके स्वागत के लिए कांग्रेस का कोई भी बड़ा पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। रेलवे स्टेशन से त्यागी सीधे मां सर्वमंगला मंदिर पहुंचे। जहांं माथा टेकने व पूजा अर्चना के बाद वह टीपी नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। यहां भी उनके आगमन को लेकर कोई भी इंतजाम नहीं किए गए थे।
कार्यालय में कांग्रेस शहर अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद को छोड़ न तो कोई पदाधिकारी था और न ही कोई कार्यकर्ता मौजूद था। आनन-फानन में कांग्रेस कार्यालय में कुर्सियां लगवाई गई और त्यागी के साथ पहुंचे समर्थकों को बिठाया गया। एक ओर भाजपा ने पूर्व आईएएस ओपी चौधरी का एतिहासिक स्वागत कर उन्हें सरआंखों पर बिठाया वहीं कोरबा कांग्रेस पदाधिकारियों का यह व्यवहार सकारात्मक संदेश नहीं देता है।
हालांकि इसके पीछे एक वजह यह भी हो सकती हैं कि त्यागी कोरबा या कटघोरा से दावेदारी कर सकते हैं। त्यागी स्वयं कई बार इशारों में कोरबा जिला से चुनाव लडऩे की बात कह चुके हैं। पार्टी की सदस्यता लेने के सीधे कोरबा का रूख करना भी इसी ओर इशारा कर रहा है। जबकि कोरबा में पहले से कांग्रेस विधायक जयसिंह का दबदबा है। वे दो बार विधायक रहे हैं।
बहरहाल त्यागी के कार्यालय पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष उषा तिवारी व पूर्व सभापति संतोष राठौर पहुंचे। लोग शहर विधायक जयसिंह अग्रवाल को लेकर बार-बार जानकारी लेते रहे तो कभी उनके घर में होने की बात कही जा रही थी तो कभी किसी स्थान पर लोकार्पण की बात सुनने को मिली। इस संबंध में कांग्रेस के नेता यह कहकर पल्ला झाड़ते रहे कि पूर्व आईएएस के आने में देरी की जानकारी मिली थी।