Crime News: कोरबा जिले के पीडीएस दुकानों में चावल की किल्लत बनी हुई है। इसे लेकर मंगलवार को वेयरहाउस कर्मचारियों और पीडीएस संचालकों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।
Crime News: कोरबा जिले के पीडीएस दुकानों में चावल की किल्लत बनी हुई है। इसे लेकर मंगलवार को वेयरहाउस कर्मचारियों और पीडीएस संचालकों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। शहरी क्षेत्र के पीडीएस संचालक चावल भंडारण की मांग करने पहुंचे थे। इसी दौरान वेयरहाउस के कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र के पीडीएस दुकानों के लिए चावल भेजने की तैयारी कर रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में नोंकझोंक व विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने समझाइश देेकर मामला शांत कराया।
जिले में लगभग 553 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लगभग तीन लाख 21 हजार 80 हितग्राही परिवारों को सस्ते दर पर राशन वितरण किया जाता है। लेकिन पिछले दो माह से चावल की किल्लत की वजह से दिक्कतें बढ़ गई है। फरवरी माह समाप्त होने में सिर्फ चार दिन ही शेष बचे हुए हैं। इसके बाद भी शहरी क्षेत्र के अधिकांश पीडीएस दुकानों में पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण नहीं किया गया है। इसी बात को लेकर शहरी क्षेत्र के पीडीएस संचालक मंगलवार को कोरबा स्थित वेयरहाउस गोदाम पहुंचे। उन्होंने दुकानों में चावल भंडारण की मांग की।
इस बीच विभाग की ओर से गाडिय़ों में चावल ग्रामीण क्षेत्र के दुकानों के लिए निकाली जा रही थी। इसी बात को लेकर पीडीएस संचालक और वेयरहाउस गोदाम के प्रोग्रामर के बीच नोंकझोंक हुई। इसकी सूचना पर खाद्य विभाग के निरीक्षक, नायब तहसीलदार व नान विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने दोनों पक्ष के लोगों को समझाईश दी। चावल भंडारण को लेकर बैठक की गई। तब जाकर मामला शांत हुआ।
प्रत्येक माह हितग्राहियों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से चावल उपलब्ध कराई जाती है। जिला प्रशासन ने फरवरी माह का चावल वितरण की तिथि बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। पीडीएस संचालकों का कहना है कि केंद्र सरकार से चावल वितरण की तिथि बढ़ाने की प्रक्रिया लंबी है। ऐसे में विलंब हो रहा है।
पीडीएस संचालकों का कहना है कि केंद्र सरकार के वन नेशन वन राशन कार्ड लागू होने के बाद किसी जिले या प्रदेश के हितग्राही राशन ले सकते हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्र की अधिकांश दुकानों में निर्धारित कार्ड से अधिक हितग्राही परिवार राशन प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद भी कई ऐसे दुकान हैं, जहां जरूरत 200 से 300 क्विंटल चावल की खपत होती है, वहां 10 से 20 क्विंटल भी चावल का भंडारण नहीं किया जा सका है।
जिले में बीपीएल हितग्राहियों की संख्या लगभग सवा तीन लाख है। अब तक लगभग 45 फीसदी हितग्राहियों को ही चावल वितरण किया जा सका है। जबकि अभी भी 55 फीसदी हितग्राहियों को चावल नहीं मिला है। हितग्राही चावल लेने के लिए बार-बार पीडीएस दुकानों का चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। अब हितग्रहियों के पांच महज चार दिनों का ही समय शेष बचा हुआ है। लेकिन अब भी पीडीएस दुकानों में पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण नहीं किया जा सका है।
शहरी क्षेत्र के पीडीएस संचालकों ने दुकान में चावल उपलब्ध कराने की मांग की गई। लेकिन कर्मचारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में गाड़ी भेजी जा रही थी। जबकि पहले ही वहां भंडारण किया जा चुका है। इसी बात को लेकर आपस में बातचीत हुआ। नायब तहसीलदार के द्वारा समय पर चावल भंडारण का आश्वासन दिया गया है। - विनोद मोदी, अध्यक्ष, जिला पीडीएस संचालक संघ, कोरबा
कुछ पीडीएस संचालक वेयरहाउस गोदाम में पहुंचे थे। संचालकों की मांग के अनुसार चावल भंडारण की बात कही गई है। जल्द ही सभी दुकानों में पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण कर लिया जाएगा। - जीएस कंवर, खाद्य अधिकारी, कोरबा