- आम लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं
कोरबा. बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि शहर में सात जगह वाई-फाई जोन संचालित है। बीएसएनएल ने जोन तो बना दिया लेकिन ये सिर्फ नाम का ही है। जोन की स्थिति ऐसी है कि एक मैसेज जाने में भी कई सेकेण्डों का समय लग जाता है। बेहद कम स्पीड होने की वजह से विभाग इसका प्रचार नहीं करता है और ना ही ही लोग उपयोग करते हैं।
दो साल पहले नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग द्वारा सभी बड़े नगर निगम को निर्देशित किया गया था की शहर के ऐसे इलाके जहां युवाओं व आम लोगों की भीड़ ज्यादा जुटती है। उस क्षेत्र को वाई-फाई जोन बनाए जाए। आम लोगों को नि:शुल्क हाइस्पीड वाई-फाई मिले। इसके लिए काफी विलंब बाद निगम व बीएसएनएल ने तैयारी शुरू की। कई जगहों को वाई-फाई जोन बनाने के लिए सहमति भी बनी। काफी लेटलतीफी के बाद नगर निगम के फंड से बीएसएनल ने इस पर काम शुरू किया।
शहर में टीपीनगर बस स्टैंड, पुराना बस स्टंैड, पुष्पलता उद्यान, विवेकानंद उद्यान, कलेक्टोरेट परिसर, सिल्वर जुबली पार्क और एनसीएच अस्पताल गेवरा के पास वाई-फाई जोन बनाया गया है। विभाग का दावा है कि पिछले पांच महीने से वाई-फाई जोन शहर में संचालित है। लेकिन आम लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। दरअसल अन्य शहरों की तरह कोरबा में वाई-फाई जोन के समीप बोर्ड ही नहीं लगाए गए। इसके पीछे वजह ये है कि वाई-फाई की स्पीड इतनी कम है कि वाट्सअप या फिर फेसबुक मैसेंजर में एक मैसेज जाने में पांच से छह सेकेंड लग जाता है।
केवल रस्म अदायगी
एक तो इन सात जगहों की जानकारी लोगों को नहीं है दूसरा यदि एक समय में २५ से ज्यादा लोग इस जोन को एक्सेस करते हैं तो स्पीड काफी कम हो जाती है। ऐसे में इस वाई-फाई जोन का फिलहाल कोई औचित्य ही नहीं दिखता है। वो पहले २५ कौन होंगे जिनको स्पीड सही मिलेगी ये लॉटरी वाली बात हो जाती है।
-शहर में सात जगहों पर फ्री वाइफाई जोन संचालित है। सभी जगह सुविधा मिल रही है। एक बार में अधिकतम २५ लोग ही इसका उपयोग कर सकते हैं। इससे अधिक होने पर स्पीड कुछ कम होती है।पी सी महतो, डीई, बीएसएनएल