कोरबा

जमीन पर उतर आए राम और कृष्ण, प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को खाट पर लेटाकर नाला कराया पार

Health: महतारी एक्सप्रेस के स्टॉफ का दिखा जज्बा, विलंब होने से बढ़ सकता था खतरा, स्टॉफ ने समय पर पहुंचाया अस्पताल

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Oct 10, 2019
जमीन पर उतर आए राम और कृष्ण, प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को खाट पर लेटाकर नाला कराया पार

कोरबा. जटगा के महतारी एक्सप्रेस के स्टॉफ को रायपुर मुख्यालय से एक लोकेशन मिलती है। जहां एक महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही होती है, जिसे सही समय पर अस्पताल पहुंचाना जरुरी होता है। लोकेशन के आधार पर जब स्टॉफ गांव के लिए निकलता है तो रास्ते मेंं एक नाला उफान पर होता है। गाड़ी पार नहीं हो सकती थी। स्टॉफ डेढ़ किमी पैदल चलकर गांव तक पहुंचा। फिर महिला को खाट में लेटाकर नाले को पार कराया। इसके बाद जटगा अस्पताल में महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।

आमतौर पर सरकारी अस्पतालोंं व स्टॉफ की कारगुजारी सुर्खियां बनती है। इस बार महतारी एक्सप्रेस के स्टॉफ ने जो जज्बा दिखाया है वह काबिले तारीफ है। कोरबा जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर जटगा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को गुरुवार की सुबह एक लोकेशन मिलती है। जो कि जटगा से लगभग 18 किमी दूर दूरस्त पहाड़ी अंचल का मिरई गांव में एक 21 वर्षीय महिला बुधवारी बाई प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। उसके पति रमेश कुमार ने महतारी एक्सप्रेस को फोन किया। जब स्टॉफ उस गांव के लिए 7 किमी कच्चे रास्ते से होकर गांव के करीब पहुंचा, तो एक नाला उफान पर था।

पानी इतना अधिक था कि महतारी एक्सप्रेस फंस सकती थी। स्टॉफ कृष्णा बरेठ और पायलट रामभारती ने नाले को पारकर डेढ़ किमी पैदल चलकर गांव तक पहुंचे। घर में महिला दर्द से कराह रही थी। महिला पैदल नहीं जा सकती थी। घर के ही खाट पर महिला को लेटाकर महतारी एक्सप्रेस का स्टॉफ परिजनों के मदद से नाले को पार कराया। फिर वहां से जटगा अस्पताल पहुंचे। जहां कुछ मिनट बाद महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।

जलस्तर कम होने का इंतजार नहीं कर सकते थे, हो सकता था खतरा
महतारी एक्सप्रेस के स्टॉफ कृष्णा ने बताया कि महिला की हालत काफी खराब हो रही थी। ज्यादा देर तक इंतजार नहीं कर सकते थे। अगर नाले में पानी का जलस्तर कम होने का इंतजार करते तो महिला व बच्चे दोनों को खतरा हो सकता था। महिला को अस्पताल पहुंचाना जरुरी था।

Published on:
10 Oct 2019 08:46 pm
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