कोरबा

किसी ने गैंती, फावड़ा नहीं मिलने की तो किसी ने प्रबंधन पर प्रताडऩा का लगाया आरोप, इन्होंने भी कलेक्टर को सुनाई अपनी व्यथा, पढि़ए खबर…

महिलाओं ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएं ताकि विभाग के चक्कर न काटना पड़े।

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Jul 31, 2018
रोज-रोज चक्कर लगाने के बाद भी श्रम विभाग से नहीं मिल रहा गैंती, फावड़ा, महिलाओं ने कलेक्टर के सामने सुनाई व्यथा

कोरबा. श्रम विभाग से गैंती, फावड़ा, कुदाल जैसे उपकरण नहीं मिलने की शिकायत लेकर वार्ड क्रमांक तीन महिलाएं रमा, मंजू आदि ने जनदर्शन में शिकायत की है। महिलाओं ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा मजदूरी करने वाली महिलाओं को उपकरण प्रदान किए जाते हैं। लेकिन इसके लिए अब रोज-रोज विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिससे मजदूरी का नुकसान हो रहा है। महिलाओं ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएं ताकि विभाग के चक्कर न काटना पड़े।

इस सोमवार कलेक्टर मोहम्मद कैसर अब्दुल हक मुख्यालय में मौजूद थे। लेकिन किसी कार्यवश उन्होंने इस सोमवार को लोगों की समस्याएं नहीं सुनी। जनदर्शन में अपनी-अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे लोगों को अपर कलेक्टर एनएस नौरोजी ने अपने चैम्बर में अटेंड किया। जनदर्शन वाली पर्ची प्राप्त कर लोगों ने नौरोजी को ही अपनी समस्याएं बताई।

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सामान्य तौर पर कलेक्टर के साथ सारे जिला स्तर के अधिकारी कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मौजूद रहते हैं। जहां लोगों की समस्याओं पर सीधे जिले के अधिकारी से अपनी समस्या या मांग रखी जाती है। जिससे लोगों को समस्या का समाधान होने की उम्मीद बंधती है। इसलिए यह सोमवार को जनदर्शन महज औपचारिकता ही रहा। हालांकि इससे जनदर्शन में आने वाले लोगों की संख्या में कोई कमी नहीं आई। जिला प्रशासन को शिकायत वाले १०० से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

आईटी के छात्रों ने की समान फीस लेने की मांग
कोरबा. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलाजी (आइटी) के छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर का फीस कम करने की मांग की है। उल्लेख है कि महाविद्यालय प्रबंधन समिति ने द्वितीय व अंतिम वर्ष के फीस में नए नियम को सम्मिलित नहीं किया गया है। जिससे उन्हे अधिक फीस देना पड़ रहा है। वहीं नए नियम का लाभ प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं मिल रहा है। जिससे द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं में निराशा है। इस संंबंध में प्रथम से अंतिम वर्ष तक के फीस समान रखने मांग की है।

निजी बस चालकों की मनमानी से हरदीबाजार के लोग परेशान
ग्राम पंचायत हरदीबाजार के लोगों ने निजी बस संचालकों द्वारा मनमाने ढंग से परिचालन की शिकायत की है। हरदीबाजार में साप्ताहिक बाजार, शैक्षणिक संस्था, तहसील कार्यालय, पंजीयक कार्यालय, महिला बाल विकास कार्यालय का दफ्तर है। ग्रामीण हितग्राही शासकीय व योजनाओं को लाभ लेने के लिए लोगों का आना जाना लगा रहता है। इसके बावजूद निजी बस दीपका से मलगांव आर्यन स्कूल के रास्ते कालेज चौक व बस स्टैण्ड नहीं पहुंच रही है। इधर दीपका सराईसिंगार बायपास रोड का निर्माण होने के बावजूद हरदीबाजार बस स्टैंड होते हुए स्कूल, बैंक, विद्युत कार्यालय, कालेज, शराब दुकान के पास से गुजर रहे हैं। जिससे दुर्घटला की संभावना बनी हुई है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की मांग को लेकर सरपंच, पंच चंद्रकली, गणेश राम, तुलसी राम, पवन बाई सहित बड़ी संख्या में शामिल है।

कर्मियों ने की प्रताडऩा की शिकायत
कोरबा. कलेक्टर जनदर्शन में बालको के कर्मचारी एनके सिंह, पीएन सोनी, सीआर भूमिया, सीके वैष्णव, आरएस सोलंकी आदि पहूंचे। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन द्वारस जबरन वीआरएस देने के लिए पिछले दो माह को वेतन रोक दिया गया है। इसके अलावा निलंबन व अवैधानिक स्थानांतरण करने का भी दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारी कर्मचारियों जबरन वीआरएस दिलवाना चाहते हैं।

शमशान भूमि पर कब्जा
कोरबा. ग्राम पंचायत बुंदेली से जनदर्शन में पहुंचे संजय कुमार, केवा बाई आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत बुंदेली में शमशान घाट एवं विकास के लिए चार एकड़ भूमि को चिन्हांकित किया गया था। लेकिन उक्त भूमि में अतिक्रमण कर खेती की जा रही है। श्मशान भूमि पर कब्जा किए जाने से अंतिम संस्कार करने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

शौचालय और पीएम आवास की सर्वे सूची की अनदेखी का आरोप
कोरबा. करतला विकास खंड अंतर्गत नोनबिर्रा के ग्रामीण हितग्राहियों ने शौचालय व पीएम आवास की सूची में गड़बड़ी को लेकर शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है, कि सर्वे सूची के आधार पर हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि सर्वे सूची का अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उल्लेख है कि पैसे देने वाले लोगों का आवेदन स्वीकृत किया जा रहा है। जिससे हितग्राही योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीण शिकायत लेकर कलेक्ट्रट कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने जांच कार्रवाई की मांग की है। इनका कहना है कि शौचालय नहीं होने के कारण खुले में शौच जाने को मजबूर हो रहे हैं। नोनबिर्रा हाथी प्रभावित क्षेत्र है जिससे जान का खतरा बना रहता है। इस अवसर पर जब्बार खान, पुनी राम, जानत बी, सउरन बी, हफीजून बी, लक्ष्मीन बाई, सबरा बेगम, अमीला, मेमून निशा, सहजादी बेगम, जैबून निशा, सत्यवत्ती बाई, जमाल खान व अन्य हितग्राही उपस्थित थे।

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Published on:
31 Jul 2018 12:21 pm
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