हर दिन क्षमता से दोगुना कर्मचारियों को भरकर भेजा जाता है 90 किमी दूर ड्यूटी करने, शिकायत पर सस्पेंड करने की दी जाती है धमकी
चिरमिरी. एसईसीएल की अनुबंधित बस खटारा होने और क्षमता से अधिक कर्मचारियों को बैठाकर 90 किलोमीटर दूर रानी अटारी खदाने में ड्यूटी करने जाने से इनकार कर दिया।
इस दौरान कॉलरी रात्रि पाली के कर्मचारियों ने रात करीब 11 बजे और सुबह पाली के कर्मचारियों ने सुबह 6 बजे डोमनहिल जांच नाका के पास जमकर हंगामा किया। मामले में चिरमिरी पुलिस पहुंची और चार बस के कागजात की जांच कर थाने में खड़ी कर दी है।
एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र में कोरबा जिले के रानी अटारी में 2 कोयला खदान संचालित है। जिसमें एसईसीएल की अनुबंधित बस प्रतिदिन चिरमिरी से कर्मचारियों को लेकर ड्यूटी करने ले जाती है लेकिन प्रबंधन की लापरवाही के कारण बस की हालत बहुत खराब है। 30 सीटर बस में दोगुना कर्मचारी बैठाया जाता है।
मामले में आक्रोशित कर्मचारियों ने रविवार की रात करीब 11 बजे डोमनहिल नाका के पास जमकर हंगामा कर बीच सड़क पर बैठ गए और रात्रि पाली में ड्यूटी जाने से इनकार कर दिया। इससे एसईसीएल की 4 बस रातभर नाका के पास खड़ी थी। वहीं सुबह पाली में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी डोमनहिल नाका पहुंचे और ड्यूटी जाने से इनकार कर विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने प्रबंधन पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया और बिना परमिट बस चलाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी मिलने के बाद चिरमिरी पुलिस पहुंची और अनुबंधित बस के कागजात की जांच कर थाने में खड़ी कर दी है।
खटारा बस देख भड़के थाना प्रभारी
वहीं विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी में मौके पर पहुंचे और चार बसों को अपने कब्जे में कर लिया है। इस दौरान थाना चिरमिरी शुक्ला ने बसों की खराब हालत को देखकर जमकर भड़के और कहा कि ऐसी बसों में तो जानवर भी यात्रा नहीं करेगा। बिना ब्रेक, दस्तावेज, परमिट बैच नहीं लगे हैं।
ड्राइवर शराब का सेवन कर बसों को चलाता है। वहीं कर्मचारियों ने रविवार-सोमवार की दो शिफ्ट की हाजरी देने की मांग रखी है। जबकि एसईसीएल बिना कार्य के हाजरी नहीं लगाने पर अड़ा है।
विरोध करने पर निलंबित करने की धमकी
आंदोलन करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि खटारा बस के संबंध में शिकायत करने पर एसईसीएल प्रबंधन श्रमिकों को अन्यत्र ट्रांसफर से लेकर सस्पेंड करने की धमकी देता है। 35 सीटर बस में जबरन 70-80 श्रमिकों को बैठाकर ड्यूटी करने भेजा जाता है।
कर्मचारियों ने चालक द्वारा शराब का सेवन कर बस चलाने का आरोप लगाया है। कर्मचारी परिवहन विभाग से अधिकृत बसों की मांग पर अड़ गए हैं और अधिकृत बस नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
शहडोल से सभी बसों का अनुबंध
एसईसीएल कर्मचारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश के शहडोल से सभी बसों को अनुबंध किया गया है और स्कूल बस के नाम पर संचालित हैं लेकिन बसें कहीं भी और किसी भी कार्य में दौड़ा दी जाती हंै।
अनुबंधित बस चलाने के लिए सुपरवाइजर ने कमीशन के चक्कर में बिना जांचे ही रानी अटारी भेजने का आरोप लगाया गया है। जबकि रानी अटारी परियोजना की स्थापना से लेकर आज तक कुल 35 से अधिक बार बस दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है। इसमें करीब 332 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो चुके है।
अनुबंधित बस जर्जर होने से हाल में इतनी दुर्घटनाएं
1. 11 जुलाई 2018 को ब्रेक फेल होने के कारण खडग़वां-दूबछोला के बीच में बस अनियंत्रित हो गई थी।
2. 4 अगस्त 2018 को बरतुंगा कॉलरी में स्कूल बस के नाम से संचालित महाशक्ति ट्रांसपोर्ट की चपेट एक स्कूली छात्र की मौत हो गई थी।
3. जून 2018 को रतनपुर-कोरबी के बीच बस का बे्रक फेल होने से दुर्घटनाग्रस्त, जिसमें 35 कर्मचारी सवार थे।
4 बसों को किया गया जब्त
मामले की जानकारी होने के बाद मौके पर पहुंच कर चार बस को अपनी गिरफ्त में लिया गया है और चालक एवं एसईसीएल के माध्यम से बस मालिक से सभी बसों के संपूर्ण दस्तावेज की मांग की गई है। इसके बाद आगे की कार्यवाई की जाएगी। बसों की स्थिति को देख स्वयं भयभीत हूं जो ऐसे कार्यों का स्वयं खुल कर विरोध कर रहे है।
केके शुक्ला, थाना प्रभारी चिरमिरी