CG murder case: फूफा ने गमछे से दबाया था गला, जबकि बुआ ने पीछे से सब्बल से किया था प्रहार, घसीटकर कुएं में डालने ले जा रहे थे शव, लेकिन किसी के आने की आहट सुनकर छिप गए थे घर में, पुलिस ने दोनों को भेजा जेल
बैकुंठपुर. CG murder case: बुआ-फूफा ने चैत्र नवरात्रि में 12 साल की साधना पूर्ण करने के लिए बाल की आहुति देने अपने मुंहबोले भतीजे को मौत के घाट उतार दिया। भतीजे युवक की हत्या (Nephew murder) कर लाश को घर के पास फेंकी थी। मामले में पटना पुलिस ने वारदात के एक महीने बाद अंधे कत्ल की गुत्थी को सुझाने में सफलता पाई है।
पुलिस के मुताबिक मृतक के बड़े भाई पटना के ग्राम खोड़ पंडोपारा निवासी अमित देवांगन ने 19 अप्रैल की सुबह 8 बजे पटना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था किउसके छोटे भाई धनेश्वर पनिका उर्फ शानू पिता रामचंद्र (21) बुआ के घर के बाहर कुआं के पास शव मिला है। सूचना मिलते ही पटना एवं साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची।
इस दौरान पंचनामा कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में डॉक्टर ने हत्या करना लेख किया। मामले में धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विशेष टीम गठित कर आरोपी की पतासाजी निरंतर की जा रही थी। इस दौरान पुलिस मृतक के परिवार के सदस्यों से बारी-बारी से पूछताछ कर रही थी।
सायबर सेल की टीम टेक्निकल इनपुट के विश्लेषण के माध्यम से जांच में जुटी थी। इसी बीच एक सप्ताह के बाद ही मामले का खुलासा हो गया। प्रारंभिक पूछताछ में मृतक की बुआ अमरावती देवी एवं फूफा बजरंग पनिका ने पुलिस को उलझाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस को शंका हुई तो बार-बार घटनाक्रम की जानकारी लेने लगी।
इसमें दोनों आरोपी अपनी ही बनाई झूठी कहानी में उलझ गए। इसके बाद दोनों ने भतीजे की हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बुआ-फूफा के विरुद्ध धारा 302, 201, 34 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया। (CG murder case)
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि मृतक शानू पनिका उर्फ धनेश्वर चैत्र नवरात्रि के दौरान अपने रिश्ते की बुआ अमरावती के घर में रात्रि विश्राम करता था। अमरावती एवं बजरंग नवरात्रि जवारा पूजा पाठ का 12 वर्ष साल पूरा कर चुके थे। अमरावती अंधविश्वास के चक्कर में थी कि उसका पूजा पाठ पूर्ण नहीं हुआ है। वह जादू-टोना कर अपने ही मुंहबोले भतीजे का बाल काटकर आहुति देना चाह रही थी।
घटना तिथि को रात में जब शानू छत पर सो रहा था। उसी समय बुआ अमरावती शानू का बाल काटने पहुंची। इस दौरान शानू की नींद खुल गई और उसने बाल काटने पर विरोध किया। उसी समय फूफा बजरंग गमछा से शानू का गला दबाने लगा और उसकी बुआ खुद सब्बल से पीछे उसपर वार कर दिया, इससे शानू की मौके पर ही मौत (CG murder case) हो गई।
वारदात के बाद दोनों शव को गमछा की सहायता से घसीटकर कुआं में फंेकना चाहतेे थे। लेकिन जब शव को लेकर कुआं के पास पहुंचे तो किसी की आहट सुनाई दी। इसके बाद दोनों शव को वहीं छोडक़र घर में छिप गए थे।
प्रार्थी अमित ने पुलिस में रिपार्ट दर्ज कराई थी कि छोटा भाई मृतक धनेश्वर शानू 18 अप्रैल की रात करीब 11 बजे गोलू के साथ गांव तरफ से फूफा बजरंग के घर गए। इस दौरान दोनों साथ में खाना खाए और वहीं छत पर सोने चले गए थे।
भोर में करीब 3.40 बजे बुआ अमरावती फोन कर बताई कि शानू घर की छत पर गोलू के साथ सोया हुआ, जो नीचे जमीन पर बेहोश है। आंखें नहीं खोल रहा है। तू जल्दी आ जा, शानू बेहोश है। यह सुनकर वह मम्मी-पापा को लेकर तुरंत बुआ के घर गया। जहां शानू की सांस नहीं चल रही थी और नाक से खून निकला था।
उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी और दोनों पैर के पंजों में खून निकला था दाहिना पैर के एक अंगुली का नाखून उखड़ा था। इसके बाद वे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना लेकर आए थे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।