Koria News: बैकुंठपुर में जल स्तर को बनाए रखने और कुओं के पानी का पेयजल के रूप में उपयोग को लेकर पहल हुआ। पहले चरण में पांच कुओं का जीर्णोद्धार कर मॉडल बना रहे हैं।
CG News: बैकुंठपुर में जल स्तर को बनाए रखने और कुओं के पानी का पेयजल के रूप में उपयोग को लेकर पहल हुआ। पहले चरण में पांच कुओं का जीर्णोद्धार कर मॉडल बना रहे हैं। नगर पालिका ने शहर के गली-मोहल्ले में पुराने जमाने के 28 कुओं को चिह्नित कर संवारने का प्लान बनाया है। फिलहाल पांच कुओं को मॉडल रूप में दोबारा निर्माण कराया जा रहा है।
बताया जाता है कि शहर में रियासतकाल में बड़ी संख्या में कुएं खोदवाए गए थे। कुएं के पानी को आम नागरिक पेयजल में उपयोग करते थे। ढाई दशक पहले जल आवर्धन योजना से घर-घर नल लगने और मोहल्लों में बोर-हैंडपंप होने के बाद कुओं की उपयोगिता कम हो गई। अब कुओं की साफ सफाई भी नहीं करते हैं। हालांकि, प्रत्येक कुओं में पर्याप्त जल स्रोत है, जिसका पानी भीषण गर्मी में भी नहीं सूखता है। मामले में नगर पालिका ने कुओं को पुनर्जीवित करने योजना बनाई है। भीषण गर्मी में पर्याप्त जल भराव होने वाले कुओं का जीर्णाेद्धार कराया जा रहा है।
नगर पालिका के मुताबिक, प्रथम चरण में सिर्फ पांच कुओं को मॉडल बनाने को लेकर काम करा रहे हैं। एक कुएं में करीब 2 लाख सहित 5 कुओं में कुल 10 लाख तक खर्च होगा। जिसमें पुराने कुएं को नीचे से लेकर ऊपर तक दोबारा ईंट-पत्थर जोड़ाई, प्लास्टर सहित सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। प्रथम चरण में मिनी स्टेडियम परिसर, बाजारपारा, पैलेस के पीछे, कचहरीपारा, प्रेमाबाग के कुओं का जीर्णोद्धार करा रहे हैं, जिसमें कुओं के आसपास सौंदर्यीकरण कराएंगे। जीर्णोद्धार के बाद कुएं के पानी को पीने सहित अन्य निस्तारी कार्य में उपयोग किया जाएगा।
नगर पालिका के सीएमओ संजय दुबे ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कुल 28 कुओं का चिह्नित कर संवारने की प्लानिंग है। जीर्णोद्धार करने के बाद आसपास के लोग पानी का पीने में उपयोग कर पाएंगे। पहले चरण में पांच कुओं को मॉडल के रूप में दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। उसके लिए एक साल पहले बाहर से ड्राइंग-डिजाइन भी मंगवाए गए थे। एक ड्राइंग-डिजाइन को फाइनल करने के बाद काम शुरू कराया गया है। अगले चरण में शहर के शेष कुओं का जीर्णोद्धार सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे।