कोटाडोल में पदस्थ आरक्षक ने पुराने थाने परिसर में सुबह ६ बजे सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर कर ली आत्महत्या
बैकुंठपुर. कोरिया जिले के कोटाडोल में पदस्थ एक आरक्षक ने मंगलवार की सुबह सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर साथी जवान दौड़कर वहां पहुंचे लेकिन गले में गोली धंस जाने से उसकी वहीं मौत हो गई थी। सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा पश्चात शव को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया।
बताया जा रहा है कि कल रात में जवान अपनी पे्रमिका से मिलने गया था। यहां उसे गांव वालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। संभावना जताई जा रही है कि इसी अपमान की वजह से उसने खुद को गोली मारी है। मामले में एसपी का कहना है कि जवान ने किस कारण से खुद को गोली मारी है, इसकी जांच की जा रही है। उसका कॉल डिटेल भी खंगाला जा रहा है।
राजनांदगांव के मुंगेलीकला निवासी गोपी वर्मा 27 वर्ष कोरिया जिले के कोटाडोल थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। वह 7वीं बटालियन के सी कंपनी में सीएएफ का जवान था। सोमवार की शाम वह थाने से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम ठरकी में अपनी पे्रमिका से मिलने गया था। यहां उसे गांव वालों ने पकड़ लिया था।
इसकी सूचना वहां के सरपंच ने थाने में दी तो पुलिस वाले उसे पकड़कर ले गए थे। आज सुबह करीब 6 बजे उसने अपने सर्विस रायफल (एसएलआर) से पुराने थाना परिसर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर अन्य जवान वहां दौड़कर पहुंचे। उन्होंने देखा कि जवान खून से लथपथ गिरा है तथा गले पर गोली मारने के निशान हैं।
इसकी सूचना उन्होंने तत्काल आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही एसडीओपी, तहसीलदार, टीआई सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पंचनामा पश्चात शव को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने उसके परिजनों को भी सूचना दे दी है। आरक्षक के आत्महत्या के कारणों की जांच विभाग द्वारा की जा रही है।
3 दिन ही हुए थे ड्यूटी को
बताया जा रहा है कि आरक्षक 3 दिन पूर्व ही कोटाडोल थाने में पदस्थ हुआ था। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि पे्रमिका से मिलते पकड़े जाने पर उसका काफी अपमान हुआ था। इसी आत्मग्लानि में उसने खुद को गोली मार ली।
आरक्षक को गांव वालों ने पकड़ा था
पे्रमिका से मिलने गए आरक्षक को गांव वालों ने पकड़ा था। सूचना पर हमारी पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई थी।
टीएस पैंकरा, थाना प्रभारी कोटाडोल