Corruption in Road: प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत 19 करोड़ की लागत से कराया गया है 33 किलोमीटर सड़क का निर्माण, अभियंता (Engineer) को हटाने की मांग
खडग़वां. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम पोड़ीडीह से ग्राम सकड़ा तक निर्मित 32.85 किलोमीटर सड़क उखडऩे लगी है। योजना से 1903.47 लाख की लागत से सड़क का निर्माण हुआ है। मामले में मनेंद्रगढ़ विधायक की मौजूदगी में राज्य गुणवत्ता निरीक्षक की टीम जांच करने पहुंची।
जांच टीम ने जब यह कहा कि उखड़ी सड़क की रिपेयरिंग ठेकेदार द्वारा करा दी जाएगी तो वहां मौजूद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और टीम पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपलोग क्या ठेकेदार की ओर से जांच करने आए हैं। सरकार ने आपको भेजा है। एक महीने में सड़क उखड़ती है क्या?
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य लागत 1903.427 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य ठेकेदार मेसर्स आरके ट्रांसपोर्ट एव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कोरबा को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसमें घटिया निर्माण एवं अनियमितता की शिकायत मिली थी।
वहीं दूसरी ओर मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जयसवाल ने उच्च अधिकारी छत्तीसगढ़ शासन को लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसकी जांच करने राज्य गुणवत्ता निरीक्षक संतोष कुमार अग्रवाल पहुंचे। इस दौरान विधायक एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समक्ष जांच की गई।
सड़क जांच के बिंदुओं पर मनेंद्रगढ़ को अवगत कराया गया और जब सड़क निर्माण कार्य में उपयोग किए जाने वाली सामग्री एवं डब्लूएमएम प्लांट के बारे में पूछा गया। जो सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार के अनुबंध में है और उसने उसी डब्लूएमएम प्लांट से सड़क निर्माण कार्य की सामग्री का मिश्रण कर सड़क निर्माण कार्य किया जाना है।
पोड़ीडिह से सकड़ा सड़क निर्माण कार्य में किया है। न ही कभी इस ठेकेदार का डब्लूएमएम प्लांट कहीं स्थापित किया गया है। डब्लूएमएम प्लांट से मिश्रित सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है। लगभग 8 किलोमीटर सड़क पूर्ण कर ली गई है।
जानकारी नहीं होने की कही बात
मामले में राज्य गुणवत्ता निरीक्षक अग्रवाल ने कहा कि मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है, देखना पड़ेगा। इस दौरान ओमकार पांडेय ने सड़क का निरीक्षण एवं कार्य की गुणवत्ता दिखाई, जो अभी एक महीने पहले निर्मित सड़क जगह-जगह धंसक रही है। जगह-जगह उखड़ भी रही है। इस दौरान गुरु देव पांडेय, मनोज शर्मा, राम विशाल, मनोज साहू आदि उपस्थित थे।
जांच अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए गए
राज्य गुणवत्ता निरीक्षक अग्रवाल ने कहा कि उखड़ी सड़क की रिपेयरिंग (Shabby Road) हो जाएगी। मामले में आक्रोशित कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों ने कहा कि क्या ठेकेदार एक-एक महीने में सिर्फ सड़क का निर्माण कार्य कर रिपेयरिंग का कार्य करेगा। मामले में राज्य गुणवत्ता निरीक्षक पर आरोप भी लगाया गया कि ये छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्मित सड़क का निर्माण कार्य की जांच करने नहीं आए हैं।
ये तो ठेकेदार की तरफ से जांच करने आए हैं, जो नवनिर्मित सड़क जो जगह-जगह उखड़ी एवं टूट हुई सड़क की रिपेयरिंग की बात कर रहे हैं। गुणवत्ता विहीन सड़क निर्माण कार्य की जांच की बात ही नहीं कर रहे हैं।
अभियंता को हटाने मांग रखी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अधिकारियों से साठगांठ कर उनके संरक्षण में गुणवत्ताविहीन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मापदंड पर सड़क का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है।
सड़क के निर्माण कार्य में जो सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है वह पूर्ण रूप से गुणवत्ता विहीन और पास की पहाडिय़ों से काले फायर क्ले (काली मिट्टी) जैसे मिट्टी एवं गिट्टी को डंपरों में भरकर ऊपर से पानी डाल कर निर्माणाधीन सड़क पर बिछा दिया गया है।
फिर एक माह पूर्व डामरीकरण कार्य भी पूरा कर दिया गया है। कोरिया के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता को हटाया जाना चाहिए।