
बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुणदेव गौतम (DGP Arundev Gautam) डीजीपी बनने के बाद पहली बार रविवार को कोरिया दौरे पर पहुंचे। इससे पहले यहां पुलिस अधीक्षक रह चुके डीजीपी गौतम ने अपने पुराने कार्यक्षेत्र को याद करते हुए कहा कि कोरिया मेरा पहला जिला रहा है। लंबे समय बाद यहां आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। जिले के सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत नौगई ट्रिपल हत्याकांड (Naugai Triple murder case) पर उन्होंने कहा कि कोरिया जैसे शांत जिले में यह घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि 16 जून की रात नौगई में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत 3 लोगों की कार में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी।
डीजीपी अरुणदेव गौतम (Chhattisgarh DGP in Koria) ने रक्षित केंद्र में बैठक लेकर जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आम जनता के बीच विश्वास कायम करना भी है। बेहतर पुलिसिंग के लिए जनसहयोग और पुलिस के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है।
हाल ही में चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड (Naugai Triple murder) पर डीजीपी गौतम ने कहा कि कोरिया जैसे शांत जिले में इस प्रकार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जिले की प्रकृति के विपरीत है। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में अब तक की विवेचना की जानकारी ली गई है और जांच की प्रगति संतोषजनक है।
यदि भविष्य में किसी प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप या नए तथ्य सामने आते हैं तो राज्य सरकार पहले ही इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरिया हमेशा से शांतिप्रिय जिला रहा है और इसकी सामाजिक सौहार्दपूर्ण पहचान बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस दौरान (Chhattisgarh DGP in Koria meeting) आईजी दीपक कुमार झा, एसपी रवि कुमार कुर्रे, एएसपी सुरेशा चौबे सहित डीएसपी-एसडीओपी, थानेदार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे।
डीजीपी (DGP) ने आम नागरिकों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग की अपील की और कहा कि पुलिस हर स्थान पर हर समय मौजूद नहीं रह सकती है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जागरूकता, सतर्कता और सहभागिता ही जिले में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील, जवाबदेह और जनहित आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने निर्देश दिए।