काफी लंबे समय से धुएं के रूप में निकल रही है जहरीली गैस, एक वर्ष पूर्व जहरीली गैस से चरवाहे और बकरियों की हो गई थी मौत
चिरमिरी. एसईसीएल की कोयला खदान में काफी लंबे समय से आग लगने के कारण जगह-जगह जमीन से धुआं निकलने लगा है। खदान के भीतर से निकलने वाली जहरीली गैस से मवेशी व स्थानीय नागरिकों को नुकसान पहुंच सकता है। बावजूद एसईसीएल प्रबंधन, स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी कोई पहल नहीं कर रहे हैं।
4 अप्रैल 2017 को कोरिया जिले के चिरमिरी के डोमनहिल से हल्दीबाड़ी जाने वाले मुख्य सड़क से करीब 50 मीटर की दूरी पर एक चरवाहे और बकरी की जहरीली गैस से मौत हो गई थी। जिसकी अंतिम जांच में चरवाहे-उसकी बकरी की मौत जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड की चपेट में आने से मौत होने की पुष्टि भी की गई थी।
मामले में चिरमिरी थाना ने एसईसीएल को जिम्मेदार मानकर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की बात कही गई थी। फिलहाल मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया है और पीडि़त परिवार को मुआवजे का इंतजार है। मामले में बारिश के मौसम में मिट्टी बहने के कारण जगह-जगह जमीन से धुआं निकलने लगा है।
सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में मांग उठी
राजधानी रायपुर में आयोजित सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में महापौर के. डोमरु रेड्डी व विधायक श्याम बिहारी जयसवाल ने शहर की ज्वलंत समस्या से राज्य के मुखिया को अवगत कराया है। मामले में मुख्यमंत्री ने स्वयं इस बात की पुष्टि कर अपनी सहमति दी और कहा कि विकास यात्रा में उन्होंने अपनी आंखों से जमीन से निकलते धुएं को देखा है।
पूरा शहर आग के ऊपर बसा है जिसपर किसी ने कोई पहल नहीं की है। बड़ी बाजार और छोटी बाजार क्षेत्र की भी जानकारी में मिली है। एसईसीएल पंप के माध्यम से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है, जो पर्याप्त नहीं है।
विधायक व महापौर ने मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारी, कलेक्टर को तत्काल एसईसीएल चिरमिरी से चर्चा कर निराकरण करने के निर्देश दिए।