कोरीया

Ajab-Gajab : यहां मोबाइल-किताब खोलकर दिलाई जाती है परीक्षा, पास होने की भी पूरी गारंटी

मैट्स यूनिवर्सिटी के माध्यम से पीजीडीसीए और डीसीए की नियमित परीक्षा जनकपुर में ऐसे ही ली गई

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बैकुंठपुर. आदिवासी विकासखण्ड मुख्यालय जनकपुर में ग्रामीण व भोले-भाले 40 बच्चे को कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर ठगी की जा रही है। एक प्राइवेट स्कूल में पीजीडीसीए और डीसीए नियमित की परीक्षा में खुलेआम नकल कराई जा रही है। परीक्षार्थियों को समूह में बैठाकर किताब-मोबाइल की सुविधा मुहैय्या कराई है।

परीक्षा में शामिल विद्यार्थी देख-देखकर प्रश्नों के उत्तर लिख रहे हैं और परीक्षा में उत्तीर्ण होने की 100 फीसदी गारंटी भी दी जा रही है। यह कारनामा रायपुर में संचालित मैट्स यूनिवर्सिटी के माध्यम से किया जा रहा है।

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वर्ष 2017-18 में रायपुर मैट्स यूनिवर्सिटी से पीजीडीसीए (पोस्ट गे्रजुएट डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन) और डीसीए (डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन) पाठ्यक्रम कराने के नाम पर एडमिशन दिया गया है। जिसमें प्राइवेट कम्प्यूटर संचालक ने ग्रामीण व भोले-भाले बच्चों को झांसे में लेकर मोटी फीस वसूली है और कम्प्यूटर की नियमित पाठ्यक्रम का डिप्लोमा देने की बात कही थी।

ग्रामीण बच्चों ने संचालक के झांसे में आकर जुलाई में प्राइवेट कम्प्यूटर सेंटर में दाखिला लिया था। करीब सालभर पढ़ाई करने के बाद जनकपुर के एक प्राइवेट स्कूल में परीक्षाएं शुरू हुईं। परीक्षा में 40 बच्चे समूह में बैठकरकिताब-मोबाइल रखकर प्रश्नों के उत्तर लिखते मिले। परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स ने बताया कि पीजीडीसीए व डीसीए की नियमित परीक्षाएं दे रहे हैं।

एडमिशन के समय एक छात्र से 12 हजार 500 रुपए फीस ली गई थी। वहीं परीक्षा हॉल में सिर्फ छात्र-छात्राएं ही बैठे थे। पर्यवेक्षक व अन्य स्टाफ की भी ड्यूटी नहीं लगी थी।

स्थानीय ग्रामीणों में चर्चा है कि किसी भी विश्वविद्यालय की नियमित व डिस्टेंस पाठ्यक्रम की परीक्षाएं सरकारी स्कूल व कॉलेज में होती है लेकिन प्राइवेट स्कूल में परीक्षा कराने को लेकर सवाल उठाया गया है।


नियमानुसार ली जा रहीं परीक्षाएं
हमारे कम्प्यूटर सेंटर में कुल 40 बच्चे का एडमिशन हुआ है। पीजीडीसीए व डीसीए में फीस 12 हजार 500 रुपए ली गई है। परीक्षाएं भी नियमानुसार ली जा रही है।
विकास कुमार, संचालक कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट्स जनकपुर

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Published on:
01 Jun 2018 06:41 pm
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