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Shahdol-Nagpur Express: कोरबा सांसद ने रेल मंत्री को भेजा पत्र, लिखा- शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस का मनेन्द्रगढ़ तक करें विस्तार

Shahdol-Nagpur Express extend: कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने लिखा कि लंबे समय से क्षेत्र की जनता की यह है प्रमुख मांग, यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
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Shahdol-Nagpur express
Shahdol-Nagpur express, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत (Photo- Patrika)

मनेंद्रगढ़। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister) को पत्र लिखकर शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस का विस्तार मनेन्द्रगढ़ तक करने मांग रखी है। सांसद ने कहा कि यह लंबे समय से क्षेत्र की जनता की प्रमुख मांग रही है और इसके पूरा होने से छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस (Shahdol-Nagpur Express extend to Manendragarh) शहडोल स्टेशन पर लगभग ७ घंटे तक खड़ी रहती है। यदि इस समय का उपयोग कर ट्रेन का संचालन मनेन्द्रगढ़ तक किया जाए तो रेलवे पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। जबकि यात्रियों को एक बड़ी सुविधा मिल जाएगी।

सांसद ने कहा कि मनेन्द्रगढ़ से शहडोल (Manendragarh to Shahdol) की दूरी लगभग 5 घंटे की है, इसलिए उपलब्ध समय का प्रभावी उपयोग कर ट्रेन का विस्तार व्यवहारिक और संभव है। ट्रेन का विस्तार होने से कोरिया, एमसीबी के चिरमिरी, खडग़वां, सरगुजा तथा मध्यप्रदेश के अनूपपुर, कोतमा सहित आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को नागपुर के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध होगी।

अभी इन क्षेत्रों के यात्रियों को कई ट्रेन बदलकर अथवा लंबी दूरी तय कर यात्रा करनी पड़ती है। इससे समय और धन दोनों की हानि होती है। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत (Korba MP Jyotsana Mahant) ने कहा कि नागपुर मध्य भारत का प्रमुख चिकित्सा, शिक्षा, उद्योग एवं व्यापारिक केंद्र है।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, विद्यार्थी, व्यापारी एवं रोजगार के उद्देश्य से लोग नागपुर आते-जाते हैं। मनेन्द्रगढ़ से सीधी रेल सेवा (Railway service) उपलब्ध होने पर यात्रियों की परेशानी काफी हद तक कम होगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

Shahdol-Nagpur Express train: विशेषज्ञों का है ये कहना

विशेषज्ञों के अनुसार मनेन्द्रगढ़ रेलवे स्टेशन (Railway station) पर प्लेटफार्म, ट्रैक एवं आवश्यक परिचालन सुविधाएं उपलब्ध है। इसलिए तकनीकी एवं परिचालन की दृष्टि से भी ट्रेन का विस्तार पूरी तरह व्यावहारिक और संभव है। इससे लगभग 10 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच रेल संपर्क अधिक मजबूत होगा और दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को आवागमन (Railway passengers) में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

Updated on:
14 Jul 2026 08:30 pm
Published on:
14 Jul 2026 08:30 pm