Paddy Purchase: उपार्जन केंद्रों में पहुंचाया गया सवा लाख पीडीएस (PDS) बारदाना, डिमांड पर नए बारदाने की आपूर्ति होगी, धान खरीदी (Paddy purchasing) प्रारंभ करने पर दो सप्ताह के लिए यहां पर्याप्त बारदाना उपलब्ध, 645 गठान नया व 12 गठान पुराना बारदाना स्टॉक में पड़ा
बैकुंठपुर. खरीफ विपणन सीजन 2021-22 में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर 33 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी शुरू होगी। दूसरे राज्यों से धान यहां आकर न बिक पाए, इसलिए मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की सीमाएं सील की जाएंगीं।
जिला विपणन विभाग ने धान खरीदी प्रारंभ करने प्रथम दो सप्ताह के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था कर लिया है। पीडीएस के पुराने 1.25 लाख बारदाने समितियों में भेजा गया है। वहीं 645 गठान नया व 12 गठान पुराना बारदाना स्टॉक में रखा हुआ है।
जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बिक्री करने पंजीयन पूरा हो चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 5663 नए पंजीयन होने से कुल 30089 पंजीकृत किसान हो गए हैं। जबकि खरीफ सीजन 2020-21 में करीब २४४२६ पंजीकृत थे। जिसमें 23131 किसानों ने ११९१५४.४० टन धान की बिक्री की थी।
पिछले साल की अपेक्षा इस साल भी लक्ष्य से अधिक धान खरीदी होने का अनुमान है। वहीं जिला प्रशासन ने विपणन, खाद्य, सहकारिता विभाग को समितियों में तैयारी कराने निर्देश दिए हैं। बावजूद समितियों में सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त नहीं हुए हैं। पिछले साल कलक्टर की सख्ती के बाद समितियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
लेकिन कैमरे ऐसी जगह इंस्टाल कराए थे कि समिति प्रांगण कैप्चर नहीं होता था। जिससे समिति प्रबंधक व बड़े किसान मिलीभगत से घर से धान उठाने के बाद बिना तौल कराए ही स्टेक पर चढ़वा देते थे।
हालाकि तौल में गड़बड़ी को पकडऩा पाना बहुत मुश्किल है। समर्थन मूल्य पर ठीक 16 दिन बाद धान खरीदी शुरू होगी। धान खरीदी की निगरानी करने समिति, ब्लॉक स्तर व जिला स्तर पर अगल-अलग निगरानी टीम बनाई जाएगी।
मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमाएं सील होंगी
जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमाएं सील कर दी जाएंगी। खासकर भरतपुर ब्लॉक के अलग-अलग बैरियर, केल्हारी क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी टीम की ड्यूटी लगेगी। बाहर से धान लाकर खपाने वाले बिचौलिए पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि समर्थन मूल्य पर धान बिक्री करने 5663 नए किसान पंजीकृत हुए हैं। जिससे धान बिक्री करने का रकबा बढ़ गया है। कृषि विभाग ने भी धान का क्षेत्राच्छान में बढ़ोत्तरी की है। वर्ष 2020-21 में धान बोता 17000, रोपा 36000 हेक्टेयर लक्ष्य रखा गया था। इस साल धान बोता ३२०६०, रोपा ३६६८० हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित है।
चल रही धान खरीदी की तैयारी
धान खरीदी की तैयारी चल रही है। वर्तमान में किसी भी उपार्जन केंद्र में धान शेष नहीं है। जिले से पिछले साल खरीदी हुई धान का पूरा उठाव हो चुका है।
प्रीति सोनवानी, डीएमओ बैकुंठपुर