Paddy seized: खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, उठाव में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
बैकुंठपुर। उपार्जन केंद्र से धान उठाने के बाद बीच रास्ते में अफरा-तफरी करने वाले 3 आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। दरअसल तहसीलदार व थाना प्रभारी ने आरोपियों के इस मंसूबे को सफल नहीं होने दिया। 140 क्विंटल धान को उपार्जन केंद्र से राइस मिल (Paddy seized) ले जाया जा रहा था लेकिन उसे बीच में एक गोदाम में उतार दिया गया था। मामला 1 जनवरी की रात का है। इस मामले में ही कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर धान की अफरा-तफरी (Paddy seized) के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। खाद्य विभाग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत 3 आरोपियों पर मामला पंजीबद्ध कराया है। घटना 1 जनवरी रात की है। चिरमी धान खरीदी केंद्र से कटघोरा के बाबा श्री फूड राइस मिल के लिए 140 क्विंटल धान (350 बोरी) भेजा गया था।
लेकिन बीच रास्ते में ट्रक क्रमांक सीजी 15 ईई 1984 को रोककर पोड़ी बचरा के एक गोदाम में उतार दिया गया। फिर गलत तरीके से छिपाने का प्रयास किया गया था। हालांकि तहसीलदार और पोड़ी बचरा पुलिस चौकी प्रभारी सूचना मिलने पर कार्रवाई करने पहुंचे। इस दौरान मौके पर धान लोड ट्रक को रोका गया।
जांच में पाया गया कि यह धान गंगा राम राजवाड़े के गोदाम में उतारा जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। मामले में खाद्य विभाग की टीम जांच (Paddy seized) में जुटी है।
खाद्य अधिकारी विष्णु नारायण शुक्ला, सहायक पंजीयक जयपाल एक्का ने मौके पर पहुंचकर ट्रक चालक और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की। चालक बसंत राम ने स्वीकार किया कि धान कटघोरा राइस मिल के लिए उठाव हुआ था, लेकिन जानबूझकर गोदाम में उतारा गया है।
खाद्य विभाग के आवेदन पर पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ अपराध (Paddy seized) पंजीबद्ध किया गया है। इसमें प्रशांत अग्रवाल निवासी कटघोरा, बसंत राम निवासी चैनपुर सरगुजा और गंगा राम राजवाड़े निवासी पोड़ी बचरा कोरिया शामिल हैं। मौके पर जब्त धान 350 बोरी की कीमत 4 लाख 32 हजार 880 रुपए आंकी गई है। वहीं ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
खाद्य अधिकारी शुक्ला ने कहा कि धान की अफरा-तफरी से खाद्य सुरक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। विभाग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। मामले में पुलिस और खाद्य विभाग की टीम संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हैं।
समर्थन मूल्य पर धान उठाव (Paddy seized) करने के लिए अनुबंध के समय वाहनों में जीपीएस लगाने का उल्लेख करते हैं। लेकिन विभागीय अधिकारी जीपीएस से भी ट्रक को नहीं पकड़ पाते हैं। ऐसी चर्चा है कि विभागीय अधिकारी जीपीएस के आधार पर वाहनों की कभी जांच तक नहीं करते हैं। खरीफ सीजन 2023-24 में भी उपार्जन केंद्र जामपारा से 3 ट्रक निकले थे।
इसमें सिर्फ एक ट्रक में धान लोड था और 2 ट्रक खाली (Paddy seized) जा रहे थे। पुलिस और विभागीय अधिकारियों ने बडग़ंाव के पास ट्रक को पकड़ा था, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण कोई कार्रवाई व प्रकरण दर्ज नहीं हुआ था।