
बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के फव्वारा चौक के पास स्थित आईसी मार्ट के संचालक ने पुलिसकर्मी की बेटी पर सामान चोरी करने का आरोप लगाया था। उसने छात्रा व उसकी बहन से चोरी की बात लिखवाकर हस्ताक्षर कराने तथा उसकी स्कूटी छीन ली। दूसरे दिन पिता जब स्कूटी लेने पहुंचा तो संचालक ने 50 हजार रुपए की डिमांड की। इधर भयभीत 17 वर्षीय छात्रा ने पुलिस लाइन क्वार्टर में फांसी लगा आत्महत्या (Commits suicide case) कर ली। मामले में कोतवाली पुलिस ने आईसी मार्ट (किराना एंड जनरल स्टोर) को सील कर दिया है। वहीं पीडि़त पक्ष की महिलाओं ने गुरुवार को आईसी मार्ट के सामने एनएच 43 पर चक्काजाम कर नारेबाजी करते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने मांग रखी। विधायक भइयालाल राजवाड़े भी पीडि़त पक्ष के साथ एफआईआर कराने थाने पहुंचे थे। मामले में पुलिस संचालक समेत 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है।
पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत शिवनाथ सिंह की बेटी पूजा पैंकरा 17 वर्ष (Pooja Painkra Suicide) स्कूटी में सवार होकर अपनी बहन के साथ 7 जुलाई को आईसी मार्ट खरीदारी करने गई थी। बताया जा रहा है कि संचालक ने 1500 रुपए का कॉस्मेटिक सामान चोरी का आरोप लगा छात्रा व उसकी बहन को रोक लिया। यहां एक-एक सामान की सूची बनवाई और दोनों बहनों से उस पर लिखवाया कि मैं और मेरी बहन आईसी मार्ट से चोरी किए हैं।
सामान की सूची में दोनों बहनों का हस्ताक्षर भी कराया गया। यह बात पूजा ने अपने पिता को न बताकर परिचित एएसआई को बताई। जब एएसआई स्कूटी लेने पहुंचा तो संचालक ने 20 हजार रुपए मांगे। मामले की जानकारी मिलने के बाद पिता आईसी मार्ट पहुंचे। लेकिन संचालक ने स्कूटी के एवज में 50 हजार मांगे और स्कूटी लौटाने से इनकार कर दिया। घटना के बाद से छात्रा डरी-सहमी और अत्यधिक मानसिक दबाव में थी।
इसी बीच 8 जुलाई की दोपहर जब पुलिसकर्मी पिता उसकी मां को लेने बस स्टैंड गया था तो पूजा ने क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने सुसाइड नोट (Suicide note) भी छोड़ा है, हालांकि पुलिस ने उसे सार्वजनिक नहीं किया है। मामले में पुलिस ने आईसी मार्ट को सील कर विवेचना में लिया है। आरोपी संचालक दीपक वैद, विनोद वैद, जगत वैद के खिलाफ धारा 296, 107, 308(2), 309(4), एसटी-एससी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
छात्रा के आत्महत्या (Girl student commits suicide) के दूसरे दिन गुरुवार को बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाड़े पीडि़त परिवार से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे। साथ ही कोतवाली पहुंचकर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। मामले को लेकर दोपहर में थाने में ही बैठे रहे। वहीं दूसरी ओर पीडि़त पक्ष की महिलाएं बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंची और घेराव कर एफआईआर दर्ज कर कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग रखी।
साथ ही कहा कि जब तक आरोपी के गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव का पीएम नहीं कराया जाएगा। हालांकि, एएसपी सुरेशा चौबे ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को बताया कि आरोपी फरार है। उसका मोबाइल नंबर बंद बता रहा है। पुलिस टीम जगह-जगह तलाश कर रही है। इससे काफी देर तक थाना परिसर में गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
मामले को लेकर पूर्व संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव ने कहा कि एक छोटी घटना को इतना तूल देना, जिसके दबाब में एक नाबालिग का मौत को गले लगा लेने की घटना (Commits suicide by girl) अत्यंत दुखद, अमानवीय, निंदनीय और मन को व्यथित करने वाली है। मैं पुलिस प्रशासन से बिना किसी दबाव में निष्पक्ष एवं त्वरित जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई एवं पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की मांग करती हूं। परिवार की क्षति की भरपाई संभव नहीं है।
सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि बैकुंठपुर में आदिवासी समाज की एक नाबालिग बेटी पर कथित रूप से चोरी का झूठा आरोप लगाकर की गई मानसिक प्रताडऩा के बाद आत्महत्या करने की घटना अत्यंत दुखद, अमानवीय और निंदनीय है।
यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि प्रताडऩा के कारण घटना हुई है तो दोषियों पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) भारतीय न्याय संहिता तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। हम प्रशासन से निष्पक्ष एवं त्वरित जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की मांग करते हैं। न्याय ही पीडि़त परिवार के प्रति सच्ची संवेदना है।
गोंगपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह कमरो, युवा नेता निलेश पांडेय ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर आईसी मार्ट के संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग रखी है। उनका कहना है कि 17 साल की आदिवासी छात्रा पर चोरी का आरोप लगाकर कथित रूप से प्रताडि़त किया गया है। इससे छात्रा ने आत्महत्या (Policemen daughter commits suicide) कर ली। यह घटना न केवल अमानवीय व्यवहार को दर्शाता है, बल्कि कानून और सामाजिक मर्यादाओं को भी उल्लंघन है।